हल्द्वानी – विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) एवं अपर सत्र न्यायाधीश सविता चमोली की अदालत ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से चार लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने के भी निर्देश दिए हैं।
अभियोजन के अनुसार मामला जून 2023 से जनवरी 2024 के बीच का है। विशेष अभियोजन अधिकारी ने न्यायालय को बताया कि आरोपी गोविंद सिंह गैड़ा (30) पीड़िता की मां से मिलने उसके घर आता-जाता था। पीड़िता अपनी मां के साथ अलग रहती थी। आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग से कई बार दुष्कर्म किया और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी।


मामले में पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी गोविंद सिंह गैड़ा तथा अल्मोड़ा निवासी एक महिला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। विवेचना पूरी होने के बाद जांच अधिकारी ने 8 अप्रैल 2024 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष सात गवाहों के बयान दर्ज कराए। दोनों पक्षों की दलीलें, उपलब्ध साक्ष्यों और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने गोविंद सिंह गैड़ा को दोषी ठहराते हुए पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत दो वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच हजार रुपये जुर्माने से भी दंडित किया गया।
वहीं, मामले में सह आरोपी बनाई गई अल्मोड़ा निवासी महिला को न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।

Skip to content










