नैनीताल – मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने बुधवार को ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (REAP) के अंतर्गत विकासखंड बेतालघाट के गरमपानी स्थित सीएलएफ (CLF) कार्यालय एवं आउटलेट का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान परियोजना के संचालन, वित्तीय व्यवस्थाओं तथा उत्पादों के विपणन संबंधी व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान सामने आई प्रारंभिक अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य संज्ञान में आया कि REAP परियोजना के एरिया मैनेजर अवनीश पांडे द्वारा सीएलएफ कार्यालय के लिए भवन किराए पर लेने की संस्तुति की जा रही थी तथा जनपद स्तर से इसके लिए किराए की धनराशि भी सीएलएफ को उपलब्ध कराई जा रही थी। जबकि संबंधित सीएलएफ को कार्यालय संचालन के लिए भवन पहले से ही निःशुल्क आवंटित किया गया है। इस स्थिति को प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने तत्काल मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।


प्रारंभिक जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि भीमताल एवं कोटाबाग क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की अनियमितताओं की शिकायतें मिली हैं। इसे देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि यदि अन्य स्थानों पर भी इस प्रकार की अनियमितताएं हुई हैं तो उनकी भी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित एरिया मैनेजर के विरुद्ध निलंबन की संस्तुति शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास योजनाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, लापरवाही या सरकारी धन के दुरुपयोग को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने गरमपानी स्थित REAP आउटलेट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों के प्रदर्शन, विपणन व्यवस्था, बिक्री की स्थिति तथा आउटलेट के संचालन का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक प्रदर्शन, बेहतर विपणन व्यवस्था तथा बिक्री बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि REAP परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। ऐसे में परियोजना के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान जिला विकास अधिकारी गोपाल गिरी गोस्वामी, सहायक परियोजना निदेशक चंदा फर्त्याल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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