नैनीताल – मुख्य विकास अधिकारी नैनीताल अरविंद कुमार पांडे ने बुधवार को विकासखंड धारी का निरीक्षण कर विभिन्न विभागीय कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विकासखंड कार्यालय के सभी पटलों का भौतिक निरीक्षण किया तथा कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद विकासखंड सभागार में जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीडीओ ने क्षेत्र के पांच अतिसंवेदनशील गांवों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से लोगों की सुरक्षा के लिए इन गांवों में सोलर लाइट और फेंसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


सीडीओ ने धारी क्षेत्र के होटलों के साथ स्वयं सहायता समूहों (SHG) के उत्पादों को जोड़ने के लिए टाई-अप करने के निर्देश भी दिए। इसके लिए शीघ्र बैठक आयोजित करने को कहा गया, ताकि स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा सके।
इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने भालूगाड़ वाटरफॉल का भ्रमण किया। यहां उन्होंने एनआरएलएम के अंतर्गत संचालित आउटलेट का निरीक्षण किया और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने जलप्रपात क्षेत्र को और अधिक विकसित करने के लिए प्रबंधन समिति एवं जिला पर्यटन विकास अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।
सीडीओ ने क्षेत्र में जगह-जगह डस्टबिन लगाने, सोलर लाइट स्थापित करने, स्थानीय उत्पादों के आउटलेट विकसित करने, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा फ्रूट चार्ट तैयार करने तथा साइनेज बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान जलागम परियोजना SARRA के अंतर्गत संचालित कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।
इस दौरान सहायक परियोजना निदेशक, खंड विकास अधिकारी धारी, मुख्य उद्यान अधिकारी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, वन विभाग के अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी, जल संस्थान एवं जल जीवन मिशन के अधिकारी तथा भालूगाड़ जलप्रपात समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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