नैनीताल – पहाड़ों में इस बार मौसम ने अजीब करवट ली है। जहां अप्रैल में आमतौर पर गर्मी का एहसास होने लगता है, वहीं इस बार नैनीताल में ठंड ने नवंबर को भी पीछे छोड़ दिया है। 8 अप्रैल को लगातार बारिश, कोहरे और सर्द हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो नवंबर के तापमान से भी कम रहा।
बुधवार को देर रात से दोपहर तक हुई तेज बारिश और घने कोहरे ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। खराब मौसम के चलते सड़कों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसरा रहा। नैनीताल घूमने आए पर्यटक भी ज्यादातर होटलों में ही कैद रहे और हल्की बारिश थमने पर ही बाहर निकले। मौसम के इस बदले मिजाज का असर खेल गतिविधियों पर भी पड़ा, जहां स्टेडियम में गतिविधियां ठप रहीं।


बारिश से झील में पहुंचा कूड़ा, उठे सफाई व्यवस्था पर सवाल
लगातार बारिश के कारण नालों से बहकर भारी मात्रा में कूड़ा नैनीताल झील में पहुंच गया, जिससे झील का बड़ा हिस्सा कचरे से पट गया। सुबह झील में प्लास्टिक और पॉलिथीन तैरती नजर आई, जिस पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि नालों की समय पर सफाई न होने के कारण यह स्थिति बनी है। नगरपालिका ने जल्द ही झील की सफाई कराने का आश्वासन दिया है।
बारिश से जंगलों की आग पर लगा ब्रेक, वन विभाग को राहत
लगातार हो रही बारिश ने नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में जंगलों की आग पर भी विराम लगा दिया है। हाल के दिनों में बढ़ रही आग की घटनाओं से चिंतित वन विभाग को इस बारिश से बड़ी राहत मिली है। डीएफओ आकाश गंगवार के अनुसार, अच्छी बारिश से जंगलों में नमी बढ़ी है और जलस्रोत भी रिचार्ज होंगे, जिससे गर्मियों में वन्यजीवों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

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