नैनीताल – कालाढूंगी-नैनीताल मार्ग पर स्थित प्रिया बैंड (अंधा मोड़) लगातार हो रहे सड़क हादसों के चलते ब्लैक स्पॉट बनता जा रहा है। हाल ही में दो टेंपो-ट्रैवलर के पलटने की घटनाओं के बाद प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को परिवहन विभाग व लोक निर्माण विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया।
आरटीओ अरविंद कुमार पांडे, विशेषज्ञ डॉ. गुरदेव सिंह और लोनिवि के अधिशासी अभियंता रत्नेश सक्सेना ने स्थल का जायजा लेकर हादसों के कारणों की जांच की। निरीक्षण में सामने आया कि मोड़ पर कम दृश्यता (विजिबिलिटी) दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। टीम ने झाड़ियों की कटाई कर दृश्यता लगभग दो मीटर तक बढ़ाने का सुझाव दिया है।


हादसों की मुख्य वजहें आईं सामने
जांच में पाया गया कि प्रिया बैंड पर दृश्यता बेहद सीमित है, जिससे ढलान से आने वाले वाहनों के चालकों को सामने से आ रहा वाहन आखिरी क्षण में दिखाई देता है। कई वाहन तेज रफ्तार और टॉप गियर में होने के कारण अनियंत्रित हो जाते हैं। लगातार उपयोग के चलते ब्रेक फेल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके अलावा ब्लाइंड मोड़ों पर हॉर्न का इस्तेमाल न करना और ओवरस्पीड भी दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है।
पहले भी हो चुके हैं कई बड़े हादसे
इस खतरनाक मोड़ पर बीते समय में कई गंभीर हादसे हो चुके हैं—
- 19 मई 2024 को दिल्ली जा रहा टेंपो-ट्रैवलर पलट गया, जिसमें 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
- 4 दिसंबर 2024 को नोएडा से आए पर्यटकों के वाहन के पलटने से दो युवतियों की मौत हो गई।
- 28 दिसंबर 2024 को महाराष्ट्र के पर्यटकों का वाहन पलटने से 16 लोग घायल हुए।
आरटीओ अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि हादसों में चालक की लापरवाही और ओवरस्पीड भी बड़ी वजह है। कालाढूंगी से नैनीताल तक पड़ने वाले अंधे मोड़ों को चौड़ा करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
वहीं अधिकारियों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई और स्थिति मानकों के अनुरूप है, लेकिन लापरवाही और सतर्कता की कमी हादसों को बढ़ा रही है।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि इस मार्ग पर विशेष सतर्कता बरतें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और ब्लाइंड मोड़ों पर हॉर्न का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।

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