देहरादून। मुख्यमंत्री ने आज वन मुख्यालय स्थित मंथन सभागार में जनपद के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों से जुड़े निर्माण कार्यों के दौरान बिजली, पेयजल, गैस की भूमिगत लाइनों सहित सभी विभागीय कार्य आपसी समन्वय से तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्षभर में प्रस्तावित सभी कार्यों की सूची बनाकर चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वयन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देशित किया कि सड़कों की खुदाई व अन्य कार्यों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर समय निर्धारण के साथ ही अनुमति दी जाए। साथ ही आंतरिक सड़कों के नियमित रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।


दस्तावेज सत्यापन व अतिक्रमण पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली बिल सहित अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के नियमित सत्यापन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गलत तरीके से दस्तावेज बनवाए हैं, उन्हें निरस्त किया जाए तथा फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिला प्रशासन, वन विभाग, एमडीडीए और नगर निगम को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी रखने के निर्देश भी दिए गए।
नवाचार आधारित विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित कार्यों के साथ-साथ नवाचार आधारित विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। सड़क और कॉरिडोर विस्तार से देहरादून की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे पर्यटकों और आमजन की आवाजाही बढ़ेगी। भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए जनप्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर विकास योजनाओं को और गति देने की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया।
जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से जनसमस्याओं का मौके पर समाधान हो और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ अनिवार्य रूप से पहुंचे। उन्होंने दोहराया कि पारदर्शिता, समयबद्धता और जनहित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शीतकालीन व्यवस्थाएं और कानून-व्यवस्था
शीतकाल को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और बुजुर्गों के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए। नगर निगम के रैन बसेरों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस को यातायात प्रबंधन सुदृढ़ करने, रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने, नशा मुक्ति अभियान के तहत जागरूकता और रैंडम चेकिंग के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराध पर नियंत्रण
कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सुबोध उनियाल ने साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए और अधिक ठोस प्रयास करने की आवश्यकता बताई।
विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट
जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के अंतर्गत जिले में अब तक 61 हजार पंजीकरण हो चुके हैं। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज 7,662 शिकायतों में से 6,480 का निस्तारण किया जा चुका है, शेष का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले में कुल 57 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि में से 47 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है।
PWD के चार प्रमुख प्रोजेक्ट्स के साथ रिस्पना एवं बिंदाल एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाएं प्रगति पर हैं। पांवटा साहिब–बल्लूपुर फ्लाईओवर अंतिम चरण में है, जबकि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेस-वे से जुड़ने वाली फोर लेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण जारी है।
जिला चिकित्सालय गांधी शताब्दी में मॉडल टीकाकरण केंद्र, रक्त गरुड़ वाहन सेवा और 12 बेडेड SNCU की स्थापना की गई है।
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के तहत सरकारी विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं और खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई हैं। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का चौड़ीकरण व सौंदर्यीकरण किया गया है। परेड ग्राउंड, तिब्बती मार्केट और दून अस्पताल में ऑटोमेटिक पार्किंग का निर्माण भी किया गया है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग
बैठक में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, बृज भूषण गैरोला, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मुख्य नगर आयुक्त नामामि बंसल, CDO अभिनव शाह, DFO अमित कंवर, CMO डॉ. एम.के. शर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, SDM हरि गिरी, SLEO स्मृता परमार, SDM कुमकुम जोशी, परियोजना निदेशक DRDA विक्रम सिंह सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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