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नैनीताल में अनुशासनहीनता पर गिरी गाज, दो कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम….

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नैनीताल – जनपद में शासकीaय सेवकों के आचरण और कार्यशैली को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अलग-अलग मामलों में अनुशासनहीनता, शासकीय मर्यादा के उल्लंघन और आरटीआई के दुरुपयोग पर दो कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

स्थानांतरण विरोध पड़ा भारी

राजस्व विभाग में तैनात वरिष्ठ सहायक विजय सिंह गैड़ा द्वारा अपने स्थानांतरण आदेश के विरोध में सार्वजनिक रूप से शासकीय निर्णय की आलोचना करना, कार्यालय परिसर में उग्र व्यवहार और शासकीय अभिलेखों से छेड़छाड़ करना जांच में सिद्ध पाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ललित मोहन रयाल ने उन्हें भर्त्सना की सजा देते हुए दो वार्षिक वेतनवृद्धियां दो वर्ष के लिए रोकने के आदेश जारी किए।
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने सेवा मामलों में बाहरी दबाव बनाने का प्रयास किया, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा गया।

RTI के दुरुपयोग पर चेतावनी और स्थानांतरण

वहीं, जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात प्रधान सहायक मोहम्मद अकरम के विरुद्ध सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के दुरुपयोग का मामला सामने आया। उन्होंने अपने ही कार्यालय से बड़ी मात्रा में सूचना मांगी, जिसे कर्मचारियों द्वारा लगभग 3000 पृष्ठों में नि:शुल्क तैयार किया गया। बाद में बिना किसी ठोस कारण के सूचना लेने से इनकार कर दिया गया।
इसे शासकीय समय और संसाधनों की बर्बादी मानते हुए उन्हें औपचारिक चेतावनी दी गई और जिला मुख्यालय से स्थानांतरण कर दिया गया।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि शासकीय सेवकों से अनुशासन, मर्यादा और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है। नियमों की अनदेखी, सरकारी निर्णयों को सार्वजनिक रूप से चुनौती देना या तंत्र को बाधित करने वाला कोई भी कृत्य किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा। इस कार्रवाई को प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश बताया कि शासनादेशों और शासकीय मर्यादाओं का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती तय है।

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