रिखणीखाल- गौरतलब है कि द्वारी-भौन सड़क पर को स्वीकृत हुए लगभग 20 साल होने को हैं। तब से अभी तक इस सड़क का डामरीकरण तक पूरा नहीं हो सका,और न यातायात चालू हो पाया।ये सड़क नाम का ही भौन मार्ग है। अब लोगों ने बोलना ही छोड़ दिया है।सब भगवान भरोसे है। अब फिलहाल ग्रामीणों ने अपनी इच्छा व्यक्त की है कि सड़क के दोनों तरफ बड़ी बडी झाड़ियां उग गई हैं जो सड़क तक फैल चुकी हैं तथा सड़क सकरी हो गई है।
जंगली जानवरों के छिपने का अड्डा बना है।आने जाने में झाड़ी शरीर को चीरती हुई जा रही हैं। सड़क एक गलियारा जैसी नजर आती है। उसी गाँव के सरपंच वन पंचायत द्वारी विनोद मैदोला व ग्रामीणों का कहना है कि यदि लोक निर्माण विभाग लैंसडौन इन झाड़ियों को कटवा दें तो यातायात व पैदल चलने में असुविधा नहीं होगी,व जंगली जानवरों को छुपने की जगह नहीं मिलेगी। गांवों का जीवन बड़ा कष्टदायक व नरक जैसा बना हुआ है।अब विभाग इस पर क्या व कब कार्रवाई करता है,ये देखने वाली बात होगी।



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