कोटद्वार- उत्तराखंड विकास समिति द्वारा कोटद्वार की सरकारी जमीन में अतिक्रमण हटाने के संबंध में तहसील में पहुंचकर उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया की महोदय, प्रदेश की महिला शक्ति सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने में आंदोलनरत है हाईकोट ने सरकार को प्रत्येक जिले से अतिक्रमण शिकायती ऐप बनाने के आदेश दिये है मगर सम्बन्धित विभागीय अधिकारी अतिक्रमण हटाने में गम्भीर नहीं है।
पी०डब्लू०डी० दुगड्डा ने भोटिया पड़ाव (कोटद्वार) सरकारी जमीन में अतिक्रमणकर्ता द्वारा निर्मित दो-तीन मंजिला भवन, पानी की टंकी, शौचालय का. दुकाने, अतिक्रमणकर्ता से समझौता करके, यहां तक कि ऊबड़-खाबड़ जमीन समतल करके पेड पार्किंग के लिए छोड़ दिया सरकार जांच करके क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। वन विभाग लैन्सडौन वन प्रभाग कोटद्वार का कहना है कि सिद्धबली मन्दिर ग्रास्टनगंज से सटे पूर्व उत्तर का जंगल वन भूमि एवं उसके अतिक्रमण का उनके अभिलेखों में उल्लेख नहीं है


कहकर अतिक्रमण और सैकड़ो हैक्टेयर वन भूमि का उन्हें पता ही नहीं है, और नजर अन्दाज किया गया है, सरकार जमीन, जंगल और अतिक्रमण की जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करें। राजस्व विभाग का कहना है कि सनेह पट्टी से ग्रास्टनगंज तक पंचायत वन अथवा राजस्व वन नहीं है। अतः कार्यवाही की जाय ताकि आक्रोशित जनता आन्दोलन को बाध्य न हो।इस मौके पर जानकी बल्लभ मेंदोला,विपुल उनियाल,जे एस नेगी,थे के बर्थवाल, शशि मोहन उनियाल, दुर्गा प्रसाद आदि मौजूद रहे।

Skip to content











