हल्द्वानी- माफिया ने नगर निगम से लेकर राजस्व और वन विभाग तक की जमीनों को महज 50 रुपये से 100 रुपये के स्टांप पर बेच दिया और वहां अब आबादी बस गई। माफिया के इस पूरे खेल को सरकारी मशीनरी मूकदर्शक बनकर देखती रही। हल्द्वानी में सरकारी जमीनों का काला कारोबार किस तरह फल-फूल रहा है। इसका अंदाजा आम आदमी को शायद ही हो। माफिया ने नगर निगम से लेकर राजस्व और वन विभाग तक की जमीनों को महज 50 रुपये से 100 रुपये के स्टांप पर बेच दिया और वहां अब आबादी बस गई।
माफिया के इस पूरे खेल को सरकारी मशीनरी मूकदर्शक बनकर देखती रही। इसी का नतीजा रहा कि आज से ठीक 18 दिन पहले हल्द्वानी के बनभूलपुरा में उपद्रव का तांडव हुआ। अमर उजाला की पड़ताल में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि बनभूलपुरा के मलिक के बगीचे वाली जमीन महज 50 रुपये के स्टांप पर 14.30 लाख में बेच दी गई है। यह स्टांप मात्र एक बानगी है। अमर उजाला के पास एक ऐसी ही जमीन का स्टांप हाथ लगा है।
स्टांप बेचने वाले का नाम मोहम्मद यासीन है। वह लाइन नंबर 12 आजाद नगर में रहता है। उसने जमीन मोहम्मद मुकीम निवासी नई बस्ती गोपाल मंदिर के पास रहने वाले को बेची। जमीन मलिक के बगीचे में बेची गई। इसमें लिखा है कि एक प्लाट जिसकी पैमाइश 1200 वर्ग फीट है। इसके पूरब में 15 फीट का रास्ता, पश्चिम में अन्य के प्लाट, उत्तर की तरफ इलियास का मकान और दक्षिण में अन्य का प्लाट और मकान है।

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