महिला दिवस के शुभ अवसर पर महिलाओं की इज्ज़तअफज़ाई करते हुए अपने शब्दों में महिलाओं की सच्चाई की बयाँ-अंजुम क़ादरी

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रुद्रपुर –(एम् सलीम खान) महिला दिवस के शुभ अवसर पर महिलाओं की इज्ज़त अफज़ाई करते हुए अपने शब्दों में महिलाओं की सच्चाई बयान की हमारे भारत देश में कोई भी ऐसा डिपार्टमेंट नहीं है जिसमें महिलाएं अपना झंडा ना गाढती हों आप चारों दिशाओं में देखते हैं महिलाओं ने किस तरह हजारों पाबंदियों के बावजूद खुद को साबित किया है अभी कल ही की बात है हमारी भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने किस कदर जीत को दर्ज किया है और हमें बहुत खुशी हो रही है कि हम हर क्षेत्र में अपना दम खम अपने जौहर बखूबी दिखा रहें हैं घरों की रिसर्च के मुताबिक मैं यह बहुत बेहतर तरीके से जानती हूं हर घर में महिलाओं का उत्पीड़न होता है

 

पाबंदियां लगाई जाती हैं शिक्षा से लेकर बाजार जाने तक पाबंदियां लगाई जाती है उसके बावजूद भी हर एक पद पर काबिज महिलाएं देखने को मिल रही है युगों युगों से चलता आ रहा है पावनदिया लगती आ रही है महिलाएं फिर भी खुद को पॉजिटिव दिखाते हुए कदम से कदम मिलाते हुए पुरुषों से 10 कदम आगे नजर आ रही है जरा सोचो अगर महिलाओं को फुल फ्रीडम दिया जाए दो पुरुषों के कांधों से कितना वज़न कम होगा जब हस्बैंड वाइफ दोनों ही हार्ड वर्क करेंगे तो फैमिली निखरी नज़र आएगी और यह जो भारत सरकार को अनौपचारिक शिक्षा केंद्र खोलने पड़ते हैं और साक्षर भारत के लिए बहुत सारी योजनाएं लागू करनी पड़ती है

 

यदि महिलाओं को फुल फ्रीडम दे दिया जाए तो आने वाली पॉपुलेशन साक्षर ही होगी और भारत का जो यह सरकारी पैसा खर्च होता है यह खर्च होने से बचजागा क्योंकि बच्चा मां पर डिपेंड करता है और मां फीमेल होती है अब सोचने की बात है मां अनपढ़ होगी तो बच्चा तो गलत करेगा ही इसीलिए ज़रूरत है महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने की हर एक ज़रूरत को पूरा करने की और ऐसा करने पर खुशहाल जिंदगी सभी जी पाएंगे यदि महिलाएं पढ़ी लिखी होंगी तो महिला हेल्पलाइन में बहुत कम केस जाएंगे घर में बहुत कम कहा सुनी होगी क्योंकि महिला भी किसी न किसी डिपार्टमेंट में जॉब करेगी उसके पास टाइम तो बचेगा नहीं तू तू मैं मैं करने का इसीलिए महिलाओं को भी फ्रीडम दो उनका उत्पीड़न मत करो महिला ही न्यू पॉपुलेशन का ब्रेनवाश कर सकती हैं भारत के हर एक मर्द को यह सोचना चाहिए कि उसके पास भी मां बहन बेटी है

 

यानी उसके पास में महिला किसी न किसी रूप में जरूर है तो उसको महिला की इज्ज़त करनी चाहिए उन बहुत ही बेहतर पुरुषों से अनुरोध कर रही हूं जो महिलाओं के लिए बहुत अच्छी सोच रखते हैं अपने विचार अपने ईवीएस में रखें ताकि उनके इस तरह करने से और भी पुरुषों में महिलाओं के प्रति इज्ज़त जागरूक हो और 1 दिन ऐसा आए हर घर में महिलाओं की इज्ज़त हो भारत जन्नत बन जाए ना कोई पुरुष हेल्पलाइन में जाए ना कोई महिला हेल्पलाइन में जाए ना कोई बच्चा नशा करे ना कोई बच्चा  मजदूरी करता हुआ कचरा उठाता हुआ भीख मांगता हुआ नजर आए यदि मां बेहतर होगी तो सब कुछ होगा और मां डिपेंड करती है पिता भाई पति बेटा आदि पर।

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