उत्तराखंड को किया गया हाई अलर्ट,, बना हुआ है बाढ़ का खतरा|

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हरिद्वार (वंदना गुप्ता) चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद पूरे उत्तराखंड को हाई अलर्ट किया हुआ है निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है इसको देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन ने हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर गंगा की धारा को रोक दिया है और हर की पौड़ी पर यात्रियों और स्थानीय निवासियों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है सुरक्षा की दृष्टि से यह फैसला लिया गया है पहाड़ी इलाकों में ग्लेशियर टूटने से काफी तबाही मची है निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है इसी को देखते हुए हरिद्वार जिला प्रशासन द्वारा उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग से लगातार संपर्क बनाया हुआ है और बैराज पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है सुरक्षा को देखते हुए तमाम निचले इलाकों को खाली करा लिया गया है हर की पौड़ी पर भी सुरक्षा को देखते हुए गंगा की धारा को बंद किया गया है और यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों के भी हर की पौड़ी क्षेत्र में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है हरिद्वार सीओ सिटी अभय सिंह का कहना है कि हरिद्वार में देश-विदेश से श्रद्धालु आए हुए हैं उनकी सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है क्योंकी आशंका जताई जा रही है कि गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है गंगा आरती के समय भी श्रद्धालुओं स्थानीय निवासियों का हर की पौड़ी क्षेत्र में आने नहीं दिया जाएगा वही गंगा में आस्था की डुबकी लगाने आने वाले यात्रियों में मायूसी देखने को मिली यात्रियों का कहना है कि हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर पुलिस द्वारा जाने नहीं दिया जा रहा है साथ ही हर की पौड़ी ब्रह्मकुंड पर गंगा जी भी सुखा दी गई है इससे कर्मकांड और गंगा स्नान करने में हमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है अलर्ट को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है और किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नजर नहीं आ रहा है इसी कारण हर की पौड़ी पर श्रद्धालु और स्थानीय निवासियों के आने पर पाबंदी लगाई गई है और साथ ही शाम होने वाली मां गंगा की भव्य आरती में भी श्रद्धालु और स्थानीय निवासियों को शामिल नहीं होने दिया जाएगा

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