शहर के अंबेडकर पार्क में आयोजित हुई श्रद्धांजलि सभा-मोमबत्ती जलाकर दी श्रद्धांजलि
मामले की सीबीआई सीबीसीआईडी जांच की मांग-एस पी सिटी ममता बोहरा के स्थानांतरण की मांग


रुद्रपुर-(एम सलीम खान) आलीशा केस मामले ने तूल पकड़ लिया है। आलीशा केस मामले में शहर के विभिन्न राजनीतिक दलों और समाजिक संगठनों के दर्जनों लोगों ने बीते रोज देर शाम रुद्रपुर के अंबेडकर पार्क में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यहां आयोजित श्रद्धांजलि सभा में एकत्रित हुए दर्जनों महिलाओं और बच्चों और युवाओं और समाज के वरिष्ठ समाजसेवी लोगों ने आलीशा केस मामले में स्थानीय पुलिस पर इस मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। वही वक्ताओं ने नगर की अपर पुलिस अधीक्षक ममता बोहरा की कार्यप्रणाली पर संगीन आरोप लगाएं।

श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी सतपाल सिंह ठुकराल ने कहा भाजपा सरकार में हमारी बहन बेटियां सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ धन्ना सेठों की सुरक्षा करनी जानती है। एस पी ठुकराल ने कहा जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ का नारा दे रहे हैं,
उसी भाजपा सरकार में एक मासूम बच्ची आलीशा को न्याय दिलाने के लिए समाज के वरिष्ठ लोगों को सड़कों पर उतरने की जरूरत पड़ रही है। उन्होंने कहा कि आलीशा केस मामले में ऊधम सिंह नगर पुलिस ने बड़ी लापरवाही बरती है। ठुकराल ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में आरोपी युवकों को बचाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार को अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही है।

ठुकराल ने इस मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक नगर ममता बोहरा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने इस मामले में एस पी सिटी से जवाब तलब किया था। लेकिन जब उन्होंने पीड़ित परिवार को बुलाया मामले की पूछताछ के लिए बुलाया तो एस पी सिटी ने उल्टा उन्हें ही डराने और धमकाने का काम किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की मित्र पुलिस में पीड़ित बहन बेटियां को न्याय नहीं मिल रहा है। वही असंगठित कामगार कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार में हर वर्ग का उत्पीडन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक आलीश के परिजनों को न्याय नहीं मिल जाता,हम लोग चैन की सांस नहीं लेंगे। सीपी शर्मा ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार में देश की बहन बेटियां सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि आए दिन हमारी बहन बेटियां को हवस के दरिंदे अपना शिकार बना रहे हैं।

शर्मा ने कहा जिस सरकार में हमारी बहन बेटियां को न्याय नहीं मिल पा रहा है,ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करना चाहिए। सीपी शर्मा ने कहा कि आलीशा का परिवार एक मजदूर वर्ग का परिवार है, इसलिए इस मामले अगर पुलिस ने सतर्कता नहीं बरती तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा भारतीय एकता मंच की अध्यक्ष सुमन पंत ने कहा अपने संबोधन में कहा कि आलीशा केस मामले में पुलिस को दी तहरीर गई में पुलिस ने नामजद आरोपी युवक को बचाने का काम किया है। उन्होंने पुलिस के आला अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि पुलिस ही अगर नारी शक्ति का दमन करेंगी तो पीड़ित बहन बेटियां को न्याय कौन देगा। पंत ने कहा कि इस मामले को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। उनके अलावा भारतीय एकता मंच की वरिष्ठ समाजसेवी शीला चौधरी ने कहा कि एस पी सिटी ममता बोहरा स्वयं एक महिला है, लेकिन उन्होंने इस जघन्य हत्याकांड को गंभीरता से नहीं लिया।
वही बहुजन समाज पार्टी के जिला प्रभारी डॉ वकील अहमद मंसूरी ने श्रद्धांजलि सभा में कहा कि ऊधम सिंह नगर पुलिस बहन बेटियां से जुड़े अपराधिक मामलों को धनबल और राजनीति दबाव के चलते आरोपी लोगों को बचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि एक गरीब परिवार की मासूम बच्ची को कुछ अपराधिक तत्वों द्वारा मौत के घाट उतार दिया जाता है और उत्तराखंड की मित्र पुलिस इस मामले को हल्की फुल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर केस को बंद कर दें देती है। उन्होंने पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाएं। उन्होंने कहा कि आलीशा को न्याय दिलाने के लिए जमीनी स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके अलावा वरिष्ठ समाजसेवी अनू डे ने कहा कि आलीशा हम सबकी बेटी थी। उन्होंने कहा कि आलीशा को न्याय दिलाने के लिए हम हर ऐसी कुर्बानी देने को तैयार हैं, जिससे उसे न्याय मिले। वही वक्ताओं ने कहा कि अगर इस मामले में पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वही वक्ताओं ने अपर पुलिस अधीक्षक नगर ममता बोहरा को हटाने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने वाली एस पी सिटी ममता बोहरा ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने इस मामले में गंभीरता दिखाई होती तो आलीशा को समय रहते न्याय मिल सकता था। इसके अलावा उन्होंने इस मामले की जांच अधिकारी एस आई राखी धोनी को को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग उठाई।

इस दौरान बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश महासचिव और वरिष्ठ समाजसेवी सतपाल सिंह ठुकराल, असंगठित कामगार कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सीपी शर्मा, बसपा के जिला प्रभारी डॉ वकील अहमद, वरिष्ठ नेता रविंद्र बीहाना, बसपा विधानसभा अध्यक्ष ओमकार सिंह, प्रभारी महेंद्र, बहुजन छात्र संगठन के सेक्टर अध्यक्ष आमिर अहमद, मोहम्मद नाजिश मंसूरी, सलीम खां, बहुजन छात्र संगठन के मनोज कुमार,निशा सिंह,सत्य प्रकाश, हर्ष दीप सिंह सैनी, वरिष्ठ समाजसेवी हरविंदर सिंह चुघ, सुरेश कुमार भारती, सत्येंद्र, पप्पू, कामरान खान उर्फ नन्नू,मारुफ खान, मासूम बेग, अंजुम खान,पूजा डे, भारतीय एकता मंच की अध्यक्ष सुमन पंत, शीला चौधरी, परवीन खान,तस्लीम बेगम,, सामिया खान,वारिशा खान, हरेंद्र मलिक, मोहम्मद साजिद, पत्रकार नरेंद्र सिंह चौहान, वरिष्ठ पत्रकार एम सलीम खान,खबर का असर के प्रभारी शादाब हुसैन, गुरमीत सिंह गोगी, रोचक मदान, दिलशाद अहमद,अनस अली, महेश कुमार चौधरी,दीपक कपूर, पीड़ित परिवार के अशरफ, नन्ही,आयाशा, सहित दर्जनों लोग मौजूद थे। सभा के उपरांत बीआर अंबेडकर की प्रतिमा के सामने मोमबत्ती जलाकर आलीशा को श्रद्धांजलि दी गई।

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