कुमाऊं में चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि, नैनीताल में पहली बार रोबोटिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण
हल्द्वानी। कुमाऊं में आधुनिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नैनीताल जिले में पहली बार रोबोटिक-असिस्टेड तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण (Robotic-Assisted Knee Replacement) सफलतापूर्वक किया गया। 65 वर्षीय हल्द्वानी निवासी महिला की यह सर्जरी वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. अंशुमान रॉय के नेतृत्व में की गई।


मरीज लंबे समय से घुटने के दर्द और चलने-फिरने में परेशानी से जूझ रही थीं। जांच के बाद घुटना प्रत्यारोपण की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके बाद रोबोटिक तकनीक की सहायता से सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद मरीज को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया और चार दिन बाद स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
सर्जरी में बढ़ती है सटीकता
रोबोटिक-असिस्टेड तकनीक का उपयोग मरीज के घुटने की संरचना का विस्तृत विश्लेषण करने, सर्जरी की बेहतर योजना तैयार करने तथा इम्प्लांट की पोजिशनिंग और अलाइनमेंट में सटीकता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
चिकित्सकों के अनुसार, रोबोट स्वयं सर्जरी नहीं करता, बल्कि सर्जन को तकनीकी सहायता प्रदान करता है। इससे मरीज की व्यक्तिगत anatomical structure के अनुरूप सर्जिकल प्लानिंग और इम्प्लांट प्लेसमेंट को अधिक precision के साथ करने में मदद मिलती है।
हालांकि, सर्जरी के बाद रिकवरी का समय प्रत्येक मरीज में अलग-अलग हो सकता है। उम्र, बीमारी की गंभीरता, सामान्य स्वास्थ्य, मांसपेशियों की स्थिति और पोस्टऑपरेटिव रिहैबिलिटेशन जैसे कई कारक इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अनुभव और आधुनिक तकनीक का बेहतर तालमेल
करीब 23 वर्षों के अनुभव वाले डॉ. अंशुमान रॉय ने बताया कि रोबोटिक तकनीक का उद्देश्य सर्जरी की प्लानिंग और प्रक्रिया में अधिक सटीकता हासिल करने में सर्जन की सहायता करना है।
उन्होंने कहा कि घुटना प्रत्यारोपण में सही मरीज का चयन, अनुभवी सर्जन की विशेषज्ञता, बेहतर सर्जिकल प्लानिंग और आधुनिक तकनीक का संतुलित इस्तेमाल महत्वपूर्ण है।
कुमाऊं के मरीजों के लिए नई उम्मीद
नैनीताल जिले में पहली बार रोबोटिक-असिस्टेड घुटना प्रत्यारोपण का सफल होना कुमाऊं में आधुनिक ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे लंबे समय से घुटने की समस्या से परेशान मरीजों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक तकनीक आधारित उपचार का विकल्प मिलने की संभावना बढ़ी है।
इस सफल सर्जरी को कुमाऊं क्षेत्र में जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय चिकित्सकीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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