खतरा हो तो घबराएं नहीं, 112 मिलाएं; लामाचौड़ में पुलिस ने छात्रों को किया जागरूक

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लामाचौड़ – छात्र-छात्राओं को आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से नैनीताल पुलिस की संचार शाखा ने राजकीय इंटर कॉलेज लामाचौड़ में डायल 112 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपातकालीन सेवाओं के साथ ही नागरिक दायित्वों की जानकारी हासिल की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल के पर्यवेक्षण में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व निरीक्षक पुलिस दूरसंचार राजकुमार बिष्ट ने किया।

पुलिस संचार शाखा की टीम में शामिल एएसआई शांति नैनवाल और एलसी रश्मि शाहू ने विद्यार्थियों को उत्तराखंड पुलिस की आपातकालीन सेवा डायल 112 के महत्व और उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना, चिकित्सीय आपात स्थिति, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़ी समस्या अथवा किसी आपराधिक घटना की स्थिति में तत्काल 112 पर सूचना देकर पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है।

स्मार्टफोन के SOS फीचर की दी व्यावहारिक जानकारी

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण स्मार्टफोन में उपलब्ध SOS फीचर रहा। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को व्यावहारिक रूप से बताया कि मोबाइल के पावर बटन को लगातार दबाने अथवा निर्धारित शॉर्टकट के माध्यम से SOS सुविधा सक्रिय की जा सकती है। संकट की स्थिति में यह सुविधा बिना सामान्य तरीके से नंबर डायल किए पुलिस, परिजनों या पंजीकृत आपातकालीन संपर्कों तक अलर्ट और लोकेशन पहुंचाने में मदद कर सकती है।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि 112 और SOS जैसी आपातकालीन सुविधाओं का इस्तेमाल केवल वास्तविक संकट की स्थिति में ही किया जाना चाहिए। गलत या फर्जी सूचना देने से जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचने में देरी हो सकती है।

जागरूकता सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं भी रखीं। पुलिस टीम ने छात्रों के सवालों का समाधान करते हुए उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने और आसपास के लोगों को भी सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने नैनीताल पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को कम उम्र से ही अपनी सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक और नागरिक दायित्वों के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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