डीएम की सख्ती: बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ना पड़ा महंगा, अधिशासी अभियंता पर कार्रवाई

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नैनीताल – मानसून सत्र के दौरान सरकारी दायित्वों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने के मामले में कोसी निर्माण सिंचाई खंड, रामनगर के अधिशासी अभियंता अजय जॉन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज कराने की संस्तुति शासन को भेज दी है।

जिलाधिकारी ने बताया कि मानसून सत्र तथा मुख्यमंत्री के गर्जिया-रामनगर भ्रमण को देखते हुए सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि बिना पूर्व अनुमति कोई भी अधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। इसके बावजूद 5 जुलाई 2026 को अधिशासी अभियंता अजय जॉन बिना अवकाश स्वीकृत कराए मुख्यालय से अनुपस्थित पाए गए।

मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया। अपने जवाब में अधिशासी अभियंता ने बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि उनके मौसेरे भाई की पत्नी की तबीयत अत्यंत गंभीर होने के कारण उन्हें तत्काल जाना पड़ा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत परिस्थितियां होने के बावजूद बिना पूर्व अनुमति मुख्यालय छोड़ना उत्तराखंड राज्य सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-2002 के नियम 3(1) एवं 3(2) का उल्लंघन है। इसे सरकारी आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता और शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित अधिकारी की सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि अंकित किए जाने हेतु शासन को पत्र भेजा गया है।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मानसून अवधि के दौरान बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें। उन्होंने दोहराया कि आपदा एवं जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही या अनुशासनहीनता को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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