हल्द्वानी – यदि आपको मतदाता सूची में नाम, पता, आयु या अन्य विवरण के सत्यापन के लिए नोटिस मिला है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। भारत निर्वाचन आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान के तहत जारी नोटिस का अर्थ यह नहीं है कि आपका नाम मतदाता सूची से हटाया जा रहा है। यह केवल मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन की नियमित प्रक्रिया है।
सोमवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में नोटिस वितरण, दावे-आपत्तियों एवं सत्यापन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।


प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
जनपद में अब तक की स्थिति
अपर जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नैनीताल जनपद में वर्तमान में 6,93,325 मतदाता पंजीकृत हैं। अब तक 2,35,085 नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 1,51,084 नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा तकनीकी विश्लेषण के आधार पर जनपद में 1,88,054 संभावित विसंगतियां (Anomaly) तथा 47,031 ‘नो मैपिंग’ के मामले चिन्हित किए गए हैं। इन सभी प्रकरणों में नियमानुसार नोटिस जारी कर जांच एवं सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
महत्वपूर्ण तिथियां
- दावे एवं आपत्तियां दर्ज करने की अवधि: 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026
- सुनवाई एवं निस्तारण: 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: 15 सितंबर 2026
नोटिस मिलने पर क्या करें?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल नोटिस मिलने से किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। सभी मामलों का निस्तारण सुनवाई के बाद निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा।
सत्यापन के लिए मान्य दस्तावेज
निर्वाचन आयोग ने सत्यापन के लिए कई दस्तावेज मान्य किए हैं, जिनमें सरकारी अथवा पीएसयू कर्मचारी पहचान पत्र, पेंशन आदेश, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, हाईस्कूल या अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन पत्र प्रमुख हैं।
किस कार्य के लिए कौन-सा फॉर्म?
- फॉर्म-6: नया नाम जोड़ने के लिए
- फॉर्म-7: नाम हटाने के लिए
- फॉर्म-8: नाम, पता, आयु अथवा अन्य विवरण में संशोधन या स्थानांतरण के लिए
जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय ने सभी नागरिकों से अपील की कि नोटिस मिलने पर किसी भी प्रकार की भ्रांति में न रहें और निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही एक पारदर्शी, विश्वसनीय और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जा सकती है, जो लोकतंत्र की सबसे मजबूत आधारशिला है।

Skip to content










