रुद्रपुर – बंगाली समाज को अनुसूचित जाति के आधार पर आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर चल रहा “आरक्षण हमारा अधिकार” अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 47वें दिन में प्रवेश कर गया। लंबे समय से जारी इस आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों, युवाओं और राजनीतिक दलों का समर्थन लगातार मिल रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रत्याशी मोहन खेड़ा दूसरी बार धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन दोहराया।
धरना स्थल पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मोहन खेड़ा ने कहा कि बंगाली समाज ने तराई क्षेत्र के विकास, सामाजिक समरसता, शिक्षा और सांस्कृतिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि बंगाली समाज हमेशा राष्ट्रहित में कार्य करता आया है और उसके अधिकारों एवं भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बंगाली समाज की समस्याओं को गंभीरता से समझती है और उनके न्यायोचित अधिकारों की लड़ाई में मजबूती के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि समाज को उसका संवैधानिक और सामाजिक अधिकार मिलना चाहिए तथा सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मोहन खेड़ा ने आंदोलन में बड़ी संख्या में भागीदारी निभा रहे युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि दिनेशपुर, शक्तिफार्म, रुद्रपुर और आसपास के क्षेत्रों के युवा जिस तरह आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं, वह समाज के प्रति उनकी जागरूकता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
धरने का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी सुब्रतो कुमार विश्वास ने कहा कि बंगाली समाज वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन और निवेदन का दौर अब समाप्त हो चुका है और समाज अपनी आवाज आंदोलन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने के लिए मजबूर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक विभिन्न स्तरों पर ज्ञापन भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
सुब्रतो विश्वास ने कहा कि देशभर के बंगाली हिंदुओं की प्रमुख मांग है कि उन्हें अनुसूचित जाति के आधार पर आरक्षण का लाभ दिया जाए तथा उन्हें बार-बार शरणार्थी कहकर संबोधित करने की प्रवृत्ति समाप्त की जाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के बाद पुनर्वास नीति के तहत बंगाली समाज को देश के विभिन्न हिस्सों में बसाया गया था, लेकिन आज भी समाज को कई सामाजिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर साहित्य, संस्कृति, शिक्षा, कला और मनोरंजन जगत तक बंगाली समाज का योगदान ऐतिहासिक और उल्लेखनीय रहा है। इसके बावजूद समाज की मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेता रणजीत राणा, मोहन खेड़ा, विकास विश्वास, संजय आइच सहित समाजसेवी भजन राय, निपेन विश्वास, अरुण कुमार हलदार, सुरेश कुमार भारती, सुभाष राय, विक्की सरकार, सुभाष तरफदार, शुभ रतन कुमार, अशोक कुमार पाल, गोपाल हाजरा, ठाकुर जी, महादेव हलदार समेत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं आंदोलनकारी मौजूद रहे।

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