जसपुर – जसपुर क्षेत्रवासियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित रोडवेज बस अड्डे की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। उत्तराखंड सरकार ने जसपुर के प्रस्तावित नए रोडवेज बस अड्डे पर फेयर स्टॉपेज के साथ रोडवेज बसों के संचालन की अनुमति दे दी है। साथ ही यात्रियों की सुविधा एवं संचालन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सहायक यातायात निरीक्षण कार्मिक की भी तैनाती की गई है।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री) विनय रुहेला ने बताया कि जसपुर क्षेत्र में रोडवेज बस अड्डे की वर्षों पुरानी मांग को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया था कि बस अड्डे के अभाव में क्षेत्र की जनता को लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।


राज्यमंत्री विनय रुहेला ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रोडवेज बस अड्डे की स्थापना के लिए परिवहन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद ग्राम गांगूवाला स्थित वीएसबी इंटर कॉलेज के पीछे की भूमि को रोडवेज बस अड्डे के निर्माण के लिए परिवहन विभाग को हस्तांतरित किया गया।
उन्होंने बताया कि 4 जून 2026 को परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर नए बस अड्डे के निर्माण तक प्रस्तावित स्थल पर रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था किए जाने का अनुरोध किया गया था। परिवहन मंत्री के निर्देशों के बाद महाप्रबंधक द्वारा शासनादेश जारी कर प्रस्तावित बस अड्डा स्थल पर फेयर स्टॉपेज के साथ बस संचालन की अनुमति प्रदान कर दी गई।
अब वीएसबी इंटर कॉलेज के पीछे स्थित प्रस्तावित बस अड्डा स्थल से रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। यात्रियों को अब बसों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
राज्यमंत्री विनय रुहेला ने बताया कि शासन ने परिवहन विभाग को नए रोडवेज बस अड्डे के निर्माण हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर भेजने के निर्देश भी दिए हैं। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य के लिए शीघ्र धनराशि भी मंजूर की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और परिवहन मंत्री के सहयोग से जसपुर की एक महत्वपूर्ण मांग पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए उन्होंने जसपुर की जनता की ओर से मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री का आभार व्यक्त किया।

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