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काशीपुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा, मवेशी से टकराकर गिरे युवक को अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर मौत

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रुद्रपुर। काशीपुर हाईवे पर मंगलवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि युवक की बाइक अचानक सड़क पर आए एक बेसहारा पशु से टकरा गई, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने युवक को कुचल दिया और मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम अलखदेवा, प्रेमनगर थाना गदरपुर निवासी 35 वर्षीय परविंदर सिंह उर्फ पिंदर पुत्र रंजीत सिंह रुद्रपुर स्थित एक मोबाइल शोरूम में कार्यरत था। मंगलवार रात ड्यूटी समाप्त करने के बाद वह बाइक से घर लौट रहा था।

परिजनों के मुताबिक रात करीब 10:30 बजे करतार हवेली के सामने डिवाइडर पर बैठा एक बेसहारा पशु अचानक सड़क पर आ गया। इससे परविंदर की बाइक पशु से टकरा गई और वह सड़क पर गिर पड़ा। तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे रौंद दिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।

गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

▪️ जन्मदिन पर ही मौत बनकर आया हादसा

परिजनों ने बताया कि मंगलवार को ही परविंदर का जन्मदिन था। वह परिवार में इकलौता कमाने वाला सदस्य था और अपने पीछे पत्नी तथा दो बेटों को छोड़ गया है। अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है।

▪️ हादसे के बाद लोगों का प्रदर्शन

हादसे के बाद क्षेत्र में लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। देर रात तक हाईवे पर जाम जैसी स्थिति बनी रही।

सामाजिक कार्यकर्ता सुशील गाबा ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां कागजातों में छोटी कमी पर वाहन सीज कर दिए जाते हैं, वहीं सड़क पर घूम रहे बेसहारा पशुओं के कारण हो रही मौतों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों का घेराव किया जाएगा।

▪️ दो साल में 60 से अधिक मौतें

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन भले ही गोशालाओं के संचालन के दावे करता हो, लेकिन सड़कों पर बेसहारा पशु खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में लावारिस पशुओं के कारण 60 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

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