रुद्रपुर। आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। बुधवार को अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र ने जिला आपदा प्रबंधन सभागार में बैठक लेकर संबंधित विभागों को मानसून के दौरान संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग जमीनी स्तर पर निरीक्षण कर लें तथा जिन क्षेत्रों में पिछले वर्षों में जलभराव और बाढ़ की अधिक समस्या रही है, वहां जल निकासी और सुरक्षात्मक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए।


उन्होंने कहा कि यदि किसी नदी, नाले या नहर में ड्रेजिंग अथवा मलबा हटाने की आवश्यकता हो तो संबंधित उप जिलाधिकारी सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं नगर निकाय अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर प्रस्ताव तैयार करें।
अपर जिलाधिकारी ने नगर निकाय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी नालियों और नालों की सफाई सुनिश्चित की जाए तथा जियो टैग के साथ फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल से पूर्व दूसरे चरण में भी नालों और नहरों की दोबारा सफाई कराई जाएगी।
उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों में छिड़काव के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए। वहीं सड़क विभागों को स्कवर और पुलियों के नीचे जमा मलबा हटाने के निर्देश दिए गए।
एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध आपदा उपकरणों का भौतिक परीक्षण करने तथा खराब उपकरणों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा गया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि वर्षाकाल में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, इसलिए सभी कार्यदायी संस्थाएं रिवर चैनलाइजेशन और नालों-नालियों की सफाई का कार्य 15 जून से पहले पूरा कर लें।
विद्युत विभाग को विद्युत लाइनों से सटे पेड़ों की लॉपिंग-चॉपिंग कराने, जर्जर बिजली पोल बदलने तथा ढीले तारों को कसने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला पूर्ति अधिकारी को आपदा के दौरान खाद्य सामग्री वितरण के लिए आवश्यक टेंडर और अन्य व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, ओसी हिमांशु कफल्टिया, अधिशासी अभियंता सिंचाई बीएस डांगी, जिला पंचायतराज अधिकारी विद्या सिंह सोमनाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी, जिला पूर्ति अधिकारी विनोद चंद्र तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जबकि सभी उप जिलाधिकारी, नगर निकायों, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।

Skip to content










