काशीपुर-माननीय आयुक्त कर महोदया के निर्देशन के अनुपालन में अपर आयुक्त के मार्गदर्शन तथा संयुक्त आयुक्त (वि.अनु.शा./प्र.) के नेतृत्व में वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति एवं कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से 31 मार्च 2026 की मध्य रात्रि तक महुआ खेड़ागंज, काशीपुर स्थित लेड इंगट निर्माण से जुड़े 4 व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर विशेष अनुसंधान इकाई, रुद्रपुर द्वारा सघन जांच, सर्वेक्षण एवं अभिग्रहण की कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई के तहत 4 अलग-अलग जांच दलों का गठन किया गया था। जांच से पूर्व इकाई द्वारा संबंधित फर्मों की व्यापारिक गतिविधियों एवं कार्यप्रणाली की गहन निगरानी की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि वर्ष 2023-24 से लेकर फरवरी 2026 तक संबंधित फर्मों द्वारा दिल्ली, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड की संदिग्ध फर्मों या विवादित आपूर्ति श्रृंखलाओं से खरीद दर्शाकर बोगस ITC के माध्यम से कर देयता का भुगतान किया जा रहा था।


इस संबंध में फर्म संचालकों से पूछताछ की गई और सर्वे के दौरान व्यापार स्थल से डिजिटल रिकॉर्ड्स को आगे की जांच हेतु कब्जे में लिया गया। प्रारंभिक जांच में लगभग 12 से 15 करोड़ रुपये के कपटपूर्ण ITC के उपयोग के संकेत प्राप्त हुए हैं।
यह कार्रवाई देर रात 2:00 बजे तक चली। निरीक्षण के दौरान दो इकाइयों में बैटरी स्क्रैप एवं बैटरी चूरा से भरे दो वाहनों को माल उतारने से पहले ही कब्जे में लेकर सचल दल अधिकारियों को अग्रिम जांच हेतु सौंप दिया गया।
जांच के दौरान फर्म संचालकों द्वारा ₹1,05,96,265 की धनराशि DRC-03 के माध्यम से जमा कराई गई।

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