वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में केंद्रीय बजट 2026–27 पेश किया। बजट में जहां आयकर दाताओं के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया गया, वहीं स्वास्थ्य, ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर को राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए हैं।
कैंसर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता कर सरकार ने आम लोगों को सीधी राहत दी है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ‘सुधार एक्सप्रेस अपनी गति से आगे बढ़ रही है’ और सरकार का कर्तव्य है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।


हर वर्ग तक विकास पहुंचाना सरकार का संकल्प
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आर्थिक वृद्धि का लाभ किसानों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, युवाओं और वंचित वर्गों तक पहुंचे।
उन्होंने बताया कि **श्रम संहिता, गुणवत्ता नियंत्रण आदेश और अन्य संरचनात्मक सुधार 15 अगस्त से लागू किए जा चुके हैं और सुधारों की रफ्तार आगे भी जारी रहेगी।
“गरीब, पिछड़े और वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान देना सरकार की प्राथमिकता है,” निर्मला सीतारमण
सरकार के तीन प्रमुख ‘कर्तव्य’
वित्त मंत्री ने बजट को तीन मूल कर्तव्यों से प्रेरित बताया
आर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना, साथ ही वैश्विक अनिश्चितताओं के प्रति अर्थव्यवस्था को लचीला बनाना
लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमताओं का विकास करना
सबका साथ – सबका विकास’ के विजन के तहत हर क्षेत्र और समुदाय को संसाधनों तक समान पहुंच देना
क्या हुआ सस्ता? (सस्ती होने वाली चीज़ें)
कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाइयां
शुगर से जुड़ी दवाइयां
मोबाइल फोन और EV बैटरी
सोलर पैनल और सोलर एनर्जी से जुड़े उपकरण
माइक्रोवेव ओवन
चमड़े के सामान
जूते और स्पोर्ट्स इक्विपमेंट
विदेशी पर्यटन पैकेज
TCS दर 5–20% से घटाकर 2%
विदेश में शिक्षा
LRS के तहत एजुकेशन खर्च पर कम TDS
सिविलियन एयरक्राफ्ट और न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट से जुड़े इंपोर्ट
महत्वपूर्ण मिनरल्स और एनर्जी ट्रांजिशन इक्विपमेंट पर BCD से छूट
क्या होगा महंगा? (महंगी होने वाली चीज़ें)
शराब
तंबाकू उत्पाद
(सिगरेट, पान मसाला आदि पर एक्साइज ड्यूटी और हेल्थ सेस बढ़ा)
कुछ इंडस्ट्रियल मशीनरी और पार्ट्स
स्टॉक ऑप्शन और फ्यूचर ट्रेडिंग
STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05%
आयकर में गलत रिपोर्टिंग
टैक्स राशि के 100% तक पेनल्टी
चल संपत्ति का खुलासा न करने पर जुर्माना
एक्सपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट लिमिट बढ़ाकर 3%
इंपोर्टेड लेदर से बने फाइनल प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट की समय-सीमा 6 महीने से बढ़ाकर 1 साल
लोकल वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने के लिए तैयार सामान पर ज्यादा ड्यूटी, जबकि कैपिटल इक्विपमेंट पर राहत
12.2 लाख करोड़ का पूंजीगत निवेश
सरकार ने पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।
निवेश के प्रमुख क्षेत्र
हाई-स्पीड रेल
MSME सेक्टर
सेमीकंडक्टर
बायोफार्मा, मेडिकल टूरिज्म
इसके साथ ही किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल और छोटे करदाताओं के लिए ऑटोमेटेड टैक्स प्रक्रियाएं लागू करने की घोषणा भी की गई है।
बजट 2026–27 में सरकार ने जहां स्वास्थ्य और आम आदमी को राहत देने पर जोर दिया है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट और भविष्य की तकनीकों में निवेश बढ़ाकर दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती का रोडमैप पेश किया है।

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