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औद्योगिक भूमि नियमों में बड़ा बदलाव, तीन साल में उपयोग अनिवार्य….

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देहरादूनउत्तराखंड सरकार ने औद्योगिक विकास से जुड़े मामलों में बड़ा निर्णय लेते हुए भूमि आवंटन नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट बैठक में प्राग फार्म औद्योगिक क्षेत्र में भूमि आवंटन से संबंधित संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत उद्योग लगाने के लिए आवंटित भूमि का यदि तीन वर्ष तक उपयोग नहीं किया जाता है, तो उसका आवंटन स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में आवंटित भूमि का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग हो, ताकि निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके। लंबे समय तक खाली पड़ी भूमि पर रोक लगाने के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।

हालांकि संशोधित नियमों में पट्टेदारों को एक राहत भी दी गई है। औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से और राजस्व विभाग की सहमति से, पट्टे पर आवंटित भूमि को समान औद्योगिक उद्देश्य के लिए उप-पट्टे (सब-लीज) पर देने का अधिकार पट्टेदार को होगा। इससे उन मामलों में समाधान निकलेगा, जहां मूल पट्टेदार स्वयं उद्योग स्थापित करने में असमर्थ हो, लेकिन भूमि का औद्योगिक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। सरकार का मानना है कि इस संशोधन से औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश को गति मिलेगी, भूमि का दुरुपयोग रुकेगा और राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

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