सुशासन दिवस पर नैनीताल दुग्ध संघ की सफलता, ₹12.67 करोड़ का कारोबार, दुग्ध उत्पादकों को बोनस…….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

लालकुआँ- नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, लालकुआँ की ओर से भीमताल में सुशासन दिवस एवं भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष (अटल स्मृति वर्ष) के अवसर पर वर्ष 2024–25 के दुग्ध संकलन एवं वितरण कार्य की वार्षिक समीक्षा बैठक, बोनस एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने की। शुभारंभ अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन के साथ हुआ। इस अवसर पर अध्यक्ष मुकेश बोरा ने अटल जी के सुशासन, राष्ट्र निर्माण में योगदान और सहकारिता को सशक्त बनाने वाले उनके दूरदर्शी विचारों को स्मरण करते हुए कहा कि आज भी उनके सिद्धांत जनकल्याण और सहकारी व्यवस्था के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा कि दुग्ध उत्पादक ही सहकारी संघ की वास्तविक शक्ति हैं। उनके परिश्रम, विश्वास और सहयोग से ही नैनीताल दुग्ध संघ निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर भुगतान, पारदर्शी कार्यप्रणाली और गुणवत्ता आधारित प्रोत्साहन संघ की नीतिगत प्राथमिकताएं हैं। दुग्ध उत्पादकों को दिया जा रहा बोनस और पुरस्कार इसी प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। संघ केवल दुग्ध संकलन तक सीमित नहीं है, बल्कि पशुपालकों के आर्थिक सशक्तिकरण का एक मजबूत मंच बनकर कार्य कर रहा है।

वर्ष 2024–25 के विस्तृत लेखा-जोखे की जानकारी देते हुए बताया गया कि इस अवधि में कुल 2,72,238 लीटर दूध का लेन-देन हुआ। विभिन्न दुग्ध समितियों के माध्यम से कुल ₹12.67 करोड़ की दूध खरीद की गई। संघ को इस दौरान ₹14.18 लाख का कुल लाभ एवं ₹9.13 लाख का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ, जो 10.8 प्रतिशत रहा। प्रति लीटर औसत लाभ लगभग ₹18 दर्ज किया गया। चॉफी समिति का योगदान सर्वाधिक रहा, जबकि नयना समिति ने सर्वाधिक दुग्ध संकलन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। धूम, ताड़ा, सूरी, चॉफी एवं मिरुवा सिंगल समितियों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।

कार्यक्रम में नयना, थूम, ताड़ा, सूरी, चॉफी एवं मिरुवा सिमेल सहित कुल छह दुग्ध समितियों ने सहभागिता की। पुरस्कार एवं बोनस वितरण के अंतर्गत नयना दुग्ध समिति को ₹2,03,833.96 की पुरस्कार राशि एवं ₹94,401.52 का बोनस, ताड़ा दुग्ध समिति को ₹2,03,633.33 की पुरस्कार राशि एवं ₹94,314.41 का बोनस तथा सूरी दुग्ध समिति को ₹1,87,844.20 की पुरस्कार राशि एवं ₹8,701.03 का बोनस प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य दुग्ध उत्पादक सदस्यों को उनके उत्पादन के अनुरूप बोनस देकर सम्मानित किया गया।

संघ अध्यक्ष के नेतृत्व में विपणन एवं उपार्जन अधिकारियों द्वारा गांव-गांव भ्रमण कर दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहित किए जाने की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम का संचालन पी.एंड.आई. सुभाष बाबू ने किया तथा समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस अवसर पर संचालक मंडल सदस्य किशन सिंह बिष्ट, महेंद्र पडियार, डॉ. हरीश विष्ट, विपिन जंतवाल, अंकित आर्या, ललित मोहन उप्रेती, पशु चिकित्सक विमल भट्ट, सचिन कुमार, प्रगतिशील किसान आनंद मणि भट्ट, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र कुमार, ललिता आर्या, पूरन चंद्र भट्ट, प्रधानाचार्य विजय पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, दुग्ध उत्पादक एवं संघ कर्मचारी उपस्थित रहे।

और पढ़ें

error: Content is protected !!