कोटद्वार: पूर्व सैनिक संघर्ष समिति कोटद्वार के तत्वाधान में नशा मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजकीय इंटर कॉलेज, जयदेवपुर सिगड़ी में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में समाज में बढ़ते नशे के चलन और उससे उत्पन्न हो रही मानवीय मूल्यों की विकृति पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य न केवल युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराना था, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना भी था। छात्रों को नशे के विभिन्न प्रकारों, उसके सामाजिक प्रभावों और इससे बचने के उपायों की जानकारी दी गई।


पूर्व सैनिक संघर्ष समिति का मानना है कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए निम्न चार स्तंभ आवश्यक हैं – जनजागरण, अभिभावकों की भूमिका, गुरुजनों का मार्गदर्शन और सख्त कानून व्यवस्था। कार्यशाला के माध्यम से इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह रावत ने अपने संदेश में कहा, “नशा समाज को भीतर से खोखला कर रहा है। इसे रोकने के लिए हमें एकजुट होकर प्रयास करना होगा। पूर्व सैनिक समाज सेवा के इस कार्य में सदैव अग्रणी रहेगा।”
इस अवसर पर पूर्व सैनिक संघर्ष समिति से देवेंद्र रावत, सुरेंद्र सिंह, ठाकुर सिंह, अनसूया प्रसाद सेमवाल, बलबीर सिंह, जीत सिंह और प्रकाश रावत सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने अपने विचार साझा करते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य शलभ जोशी एवं समस्त विद्यालय परिवार का विशेष योगदान रहा। समिति ने आयोजन में उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
यह कार्यशाला न केवल एक जागरूकता अभियान थी, बल्कि समाज के भविष्य – युवाओं – को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन अपनाने की दिशा में प्रेरित करने का सार्थक प्रयास भी था।

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