उत्तराखंड में गहराया बिजली संकट शहरी क्षेत्रों में घंटों रही बत्ती रही गुल…
रुद्रपुर-(एम सलीम खान) ऊधम सिंह नगर जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में घंटों बिजली की आंख मिचौली जारी है। हालत यह कि जनपद ऊधम सिंह नगर में बडा बिजली संकट गहराता जा रहा है। वही विभागीय अधिकारियों ने बिजली कटौती से हाथ खड़े कर दिए हैं। अलाम यह है कि लगभग हर दिन घंटों बिजली कटौती बदस्तूर बिजली कटौती जारी है। जिसके चलते बिजली पर निर्भर उधोगों को बढ़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। वही उमस भरी गर्मी से आम जनमानस का जीवन दुश्वार हो गया है।


शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों के हिसाब से बिजली कटौती की जा रही है।शहर की घरेलू महिलाओं ने विधुत विभाग और सरकार पर जमकर भड़ास निकाली है। समाजसेविका अंजुम खान का कहना है कि घंटों के हिसाब बिजली विभाग विधुत विभाग कटौती कर रहा है।जिसकी वजह से रोजा इफ्तार के खाना बनाना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा कि विधुत विभाग द्वारा अघौषित बिजली कटौती से बच्चों को भी भारी समस्यो का सामना करना पड़ रहा है। वही अंजलि शर्मा का कहना है कि जिस तरह से बिजली कटौती की जा रही है,
उसी तरह बिजली विभाग बिल भी कम करके भेजें, बिजली कटौती के बावजूद बिजली बिल मोटी रकम के भेजे जा रहे हैं। शहर के एक व्यापारी ने अनीस मियां का कहना है कि व्यापार मंडल ने बिजली कटौती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तो किया था। लेकिन अब उन्होंने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
उन्होंने कहा कि बिजली कटौती से उनके व्यापार को भारी नुक़सान हो रहा है। पूर्व सभासद सलीम अहमद खां का कहना है कि कुछ लोग बिजली कटौती को लेकर महज राजनीति करने में सक्षम है। उन्हें अपनी नेतागिरी चमकाने में मजा आता है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इस बड़ी समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई नेता, कोई व्यापारी,जन प्रतिनिधि बिजली कटौती से निजात दिलाने के आवाज़ उठा रहा है। आपकों बता दें कि उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से बिजली संकट गहराता जा रहा है।
शहरी क्षेत्रों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों बिजली कटौती की जा रही है। जिसके कारण आम जनता का जीवन दुश्वार हो गया। हालांकि इस मामले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर गहरी नराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से निपटने के लिए सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन बिजली कटौती की समस्या लगातार जारी है। माना जा रहा है कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने इससे निपटने में अपने हाथ खड़े कर दिए हैं।

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