पूर्व अपर पुलिस अधीक्षक नगर ममता बोहरा को दिए थे मामले की जांच के आदेश दिए थे डीजीपी अशोक कुमार ने
बयान दर्ज होने के बाद आला अधिकारियों के चक्कर लगा रहे मां बाप


दो दिन लगातार इस मामले को लेकर हुआ था विरोध प्रदर्शन
खुली हवा में सांस ले रहा है आरोपी अफजल
महिला एस आई राखी धोनी की जांच पर खड़े हुए थे सवाल
रुद्रपुर-(एम् सलीम खान) लंबे इंतजार के बाद भी मासूम अलीशा केस अब तक पुलिस कार्यालय की धूल फांक रहा है।इस मामले में उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक श्री अशोक कुमार सहित उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ एस एस संधू के आदेशों को भी ताक पर रख दिया है। आपको बता दें कि रुद्रपुर की रेशम बाड़ी के रहने वाले अशरफ और उनकी पत्नी नन्ही ने डीजीपी अशोक कुमार सहित सहित उत्तराखंड के मुख्य सचिव डॉ एस एस संधू को एक पत्र देकर बताया कि उनकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री अलीशा को खेड़ा कालौनी के रहने वाले नशेड़ी अफ़ज़ल ने उनके ही घर में फांसी के फंदे पर लटका कर उसकी हत्या कर दी थी।
वही रम्पुरा पुलिस चौकी ने इस पूरे मामले को आत्महत्या का रूप दे दिया।इस मामले की जांच महिला एस आई राखी धोनी को सौंपी गई थी। उन्होंने इस मामले को कुछ कथित नेताओं के इशारे पर आत्माहत्या करार दे दिया था। रुद्रपुर के निवर्तमान पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित कुमार ने इस मामले को आत्महत्या का मामला मानते हुए,केस को बंद कर दिया था। वही जांच अधिकारी एस आई राखी धोनी ने इस मामले में पीड़ित परिवार के बयान तक नहीं लिए थे।जब इस बात की जानकारी कुछ मीडिया कर्मियों को मिली तो उन्होंने इस मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के आवाज़ उठाई।
वही इस मामले में पुलिस की लापारवाही की शिकायत पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार सहित उत्तराखंड सरकार के मुख्य सचिव डॉ एस एस संधू से भी की गई थी।जिसे गंभीरता से लेते हुए डीजीपी अशोक कुमार ने रुद्रपुर की पूर्व अपर पुलिस अधीक्षक नगर ममता वोहरा को इस मामले में पुनः जांच पड़ताल करने के आदेश दिए थे। जिसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने पीड़ित परिवार के बयान लिए और इस पूरे मामले की जांच अन्य किसी थाने से कराने का भरोसा दिलाया था। लेकिन करीब डेढ़ साल बाद भी इस केस में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। वही हत्या और दुष्कर्म का आरोपी अफजल खुली हवा में सांस ले रहा है।
मासूम मृतक के परिजनों का कहना है कि अफजल आज भी उन्हें लगातार धमकियां दे रहा है।इस पूरे मामले में कुछ कथित नेताओं की भूमिका संदिग्ध है। वही अलीशा के मां बाप आज भी पुलिस से न्याय की आस लगाए बैठे हैं। वही जनपद में मौजूदा समय में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर न्याय प्रिय एस एस पी डा मंजूनाथ टीसी तैनात हैं।अब पीड़ित परिवार इस पूरे मामले को उनके समक्ष पेश करने की तैयारी कर रहा है।

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