लालकुआं (ज़फर अंसारी) शहीदों की चिंताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशां होगा” किसी देशभक्त कवि की ये पंक्तियां शायद अब कहने मात्र को ही रह गई हैं जिसका एक उदाहरण लालकुआ के बिन्दूखत्ता निवासी शहीद मोहन नाथ गोस्वामी की शहादत को दिया जा सकता है शहीद के नाम से स्टेडियम निर्माण होने की घोषणा तो हुई , शहादत को 6 साल बीतने के बाद भी स्टेडियम निर्माण नहीं हो सका यह शहीदों का अपमान नहीं तो और क्या है आपको बता दें कि शहीद मोहन नाथ गोस्वामी 2015 में दुश्मनों से लोहा लेते हुए जम्मू कश्मीर के जिला कुपवाड़ा में शहीद हो गये थे उन्होंने 11 दिन में 10 आतकियों को मार गिराया था। जिनके अंतिम संस्कार पर काग्रेंस सरकार में तत्कालीन मंत्री हरीश चन्द्र दुर्गापाल ने शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से गांव में मीनी खेल स्टेडियम,स्कुल ,सड़क ,प्रवेश द्वार बनाये जाने सहित कई घोषणाएं सरेआम कि थी यहा तक कि तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी शहीद के घर पहुचकर श्रद्धांजलि दी और सरकार से कि गई सभी घोषणाओं को पुरा करने कि बात कि इस बीच कुछ घोषणाएं पूरी हुई लेकिन कुछ आज भी अधूरी हैं जिसमें शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से बनाए जा रहे हैं मिनी स्टेडियम है जो कब बनेगा और कैसे बनेगा किसी को मालूम नही। घोषणा को 6 साल होने हो जा रहे है लेकिन स्टेडियम के नाम पर एक ईट तक नही लगी है ऐसे में क्षेत्र के युवा मैदान कि घनी झाडियों में खेलने को मजबूर हे।

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