आरक्षण की मांग को लेकर बंगाली समाज का महायज्ञ, 24 घंटे का धरना शुरू

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

रुद्रपुर – बंगाली समाज को अनुसूचित जाति (एससी) का दर्जा एवं आरक्षण समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर रविंद्रनाथ टैगोर पार्क में पिछले चार माह से चल रहा आंदोलन अब और तेज हो गया है। रविवार को आंदोलनकारियों ने ‘आरक्षण हमारा अधिकार महायज्ञ’ का आयोजन कर हवन किया। इस दौरान शासन-प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए आहुति देते हुए सरकार से समाज की वर्षों पुरानी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लेने की अपील की गई।

महायज्ञ का आयोजन तरुण विश्वास के नेतृत्व में हुआ। इसमें सुब्रत कुमार विश्वास, भजन राय, नितिन विश्वास, राजू विश्वास, कथावाचक रामचंद्र राय सहित बड़ी संख्या में समाज के युवा, बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया कि मांगों का समाधान होने तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा।

आंदोलनकारियों ने कहा कि चार माह से लगातार धरना चलने के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। महायज्ञ के माध्यम से सरकार का ध्यान समाज की लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया गया। आयोजकों ने बताया कि हवन की राख देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भेजकर बंगाली समाज की मांगों पर ध्यान देने का आग्रह किया जाएगा।

24 घंटे के धरने में बदला आंदोलन

महायज्ञ के बाद आंदोलन को अगले चरण में ले जाते हुए धरने को 24 घंटे के धरने में परिवर्तित कर दिया गया। अब आंदोलनकारी दिन-रात धरना स्थल पर मौजूद रहकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाएंगे।

आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज के अधिकार, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर है। उनकी प्रमुख मांगों में बंगाली समाज को एससी दर्जा एवं आरक्षण, समान अधिकार एवं अवसर, विद्यालयों में बंगाली भाषा को उचित स्थान, विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति, हरिचंद ठाकुर छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाना तथा विस्थापित बंगाली परिवारों के भूमि एवं पुनर्वास संबंधी मामलों का समाधान शामिल है।

इसके अलावा पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं और नागरिक सुविधाओं का लाभ दिलाने, रविंद्रनाथ टैगोर पार्क के विकास एवं सौंदर्यीकरण, पार्क में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित करने और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थायी सामुदायिक भवन बनाने की मांग भी उठाई गई।

15 सितंबर तक कार्रवाई नहीं तो आमरण अनशन

आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 15 सितंबर 2026 तक मांगों पर ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो 19 सितंबर से जिला मुख्यालय कार्यालय परिसर में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होगा और मांगों के समाधान तक लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।

कथावाचक रामचंद्र राय ने कहा कि समाज को अधिकार मिलने तक वह आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की अपील की। वहीं नितिन विश्वास, भजन राय और राजू विश्वास ने भी समाज के विभिन्न संगठनों, युवाओं और बुद्धिजीवियों से एक मंच पर आकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।

आंदोलनकारियों ने कहा कि आगामी 19 और 20 सितंबर को आंदोलन के अगले चरण में बड़े लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसको लेकर समाज स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

महायज्ञ में रामचंद्र राय, सुरेश विश्वास, विनोदनी राय, विद्युत विश्वास, प्रदीप विश्वास, ईश्वर विश्वास, रंजीत कुमार मंडल, वीर सिंह, दीपक विश्वास, उत्कर्ष, गप्पू राय, सुशील कुमार, अरुण सरकार, गणेश सरकार, उपेंद्र राय, सुमित, अजय राय, रोहित राय, अजय पाल, कृष्ण साहा, विशाल मल्लिक, गोलू हंटर, नितेश पाल, विष्णु विश्वास, सुबोध सरकार, सुभाष राय, विक्की विश्वास, भूपेन राय, पिंटू राय और देव नाथ सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

और पढ़ें

error: Content is protected !!