देहरादून – उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। किसानों, कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को स्वरोजगार एवं बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में जल्द ही आठ नए सहकारी संघों का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही जिला स्तर के बाद अब विधानसभा क्षेत्र स्तर पर भी सहकारी मेलों का आयोजन कर स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
सोमवार को केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सहकार मंथन’ कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता के विस्तार के लिए आठ नए सहकारी संघ गठित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन संघों में लखपति दीदी फेडरेशन, महिला स्वयं सहायता समूह फेडरेशन, वन पंचायत फेडरेशन, स्वास्थ्य फेडरेशन, प्लंबर एवं जल कार्यकर्ता फेडरेशन, भारत टैक्सी फेडरेशन, एविएशन फेडरेशन तथा यूथ फेडरेशन शामिल हैं।


उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 21 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को अधिक संगठित एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महिला स्वयं सहायता समूह फेडरेशन का गठन किया जाएगा। वहीं भारत टैक्सी फेडरेशन के माध्यम से प्रदेश के लगभग 47 हजार वाहन चालकों को आधुनिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा यूथ फेडरेशन के जरिए एक वर्ष के भीतर एक लाख युवाओं को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि विधानसभा स्तर पर आयोजित होने वाले सहकारी मेलों से किसानों, कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादकों को अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग का अवसर मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह ने कहा कि सहकारी मेलों के आयोजन से स्थानीय उत्पादों को पहचान मिल रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उत्तराखंड राज्य सहकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष मातवर सिंह रावत तथा जिला सहकारी बैंक टिहरी के पूर्व अध्यक्ष सुभाष रमोला ने भी सहकारिता क्षेत्र में पिछले पांच वर्षों में हुई प्रगति और उपलब्धियों पर अपने विचार व्यक्त किए।
निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने विभागीय योजनाओं और सहकारिता क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी देते हुए कहा कि पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनसहभागिता के माध्यम से सहकारिता को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। कार्यक्रम में नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार सहित विभिन्न जनपदों की सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न सहकारी समितियों और बैंकों को सम्मानित भी किया गया। एमपैक्स बागेश्वर, पनुवानौला (अल्मोड़ा), गडोलिया (टिहरी), कुमौड़ (पिथौरागढ़), चंपावत, कुंवरपुर (नैनीताल), गोपेश्वर (चमोली), पनियाला (हरिद्वार), सुखरो (पौड़ी), विकासनगर (देहरादून), नौगांव (उत्तरकाशी), जसपुर (ऊधमसिंह नगर) तथा अगस्त्यमुनि (रुद्रप्रयाग) की सहकारी समितियों को सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त नाबार्ड द्वारा चयनित उत्कृष्ट जिला सहकारी बैंक चमोली एवं पौड़ी को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। उत्कृष्ट कार्य के लिए दुधारखाल बहुउद्देशीय सहकारी समिति (पौड़ी) तथा सिद्ध बाबा कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ), पौड़ी को भी सम्मानित किया गया। महिला स्वयं सहायता समूह उज्ज्वल, होशियारी और माता वैष्णवी को पांच-पांच लाख रुपये के ब्याजमुक्त ऋण के चेक वितरित किए गए। वहीं गुजारना बहुउद्देशीय सहकारी समिति तथा सरोना समिति को माइक्रो एटीएम भी उपलब्ध कराए गए।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सहकारिता को ग्रामीण विकास, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत आधारशिला बताते हुए इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

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