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किच्छा में टला बाल विवाह, 17 वर्षीय किशोरी की शादी ऐन मौके पर रुकवाई

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किच्छा – बाल विवाह पर रोक के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, इसके बावजूद जनजागरूकता के अभाव में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी का विवाह ऐन मौके पर रुकवा दिया गया।

जानकारी के अनुसार, किच्छा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में दो सगी बहनों का विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इस दौरान बड़ी बहन बालिग थी, जबकि छोटी बहन नाबालिग थी। इसकी सूचना इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डेवलपमेंट (आईएसडी) संस्था को मिली।

सूचना मिलते ही संस्था की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। दस्तावेजों की जांच में पुष्टि हुई कि छोटी लड़की की उम्र 17 वर्ष एक माह है, जबकि मुरादाबाद से बारात लेकर पहुंचे दूल्हे की उम्र 30 वर्ष पाई गई।

कानून की जानकारी देकर रुकवाया विवाह
आईएसडी संस्था की टीम ने परिजनों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की की शादी कराना कानूनन अपराध है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ जुर्माना व जेल की कार्रवाई हो सकती है।

संस्था और पुलिस की समझाइश के बाद परिजन मान गए और नाबालिग लड़की का विवाह रोक दिया गया। साथ ही छोटी बेटी की बारात को वापस लौटा दिया गया।

आगे की कार्रवाई शुरू
टीम ने परिजनों से आवश्यक जानकारी एकत्र करते हुए उन्हें चाइल्ड हेल्पलाइन कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। संस्था की परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी ने बताया कि बाल विवाह रोकने के साथ ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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