नैनीताल में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती, डीएम ने दिए अहम निर्देश….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

नैनीतालजिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने जिले में संस्थागत प्रसव को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रसव केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और सभी केंद्रों पर प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की जाए। साथ ही प्रत्येक गर्भवती महिला की पंजीकरण के दिन से नियमित निगरानी और स्वास्थ्य शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि हर गर्भवती महिला का बर्थ प्लान तैयार किया जाए और यदि कहीं घर पर प्रसव होता है तो उसका रिव्यू कर कारणों की पहचान की जाए, ताकि सुधार किया जा सके।

लिंगानुपात पर चिंता, अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर सख्ती

जिलाधिकारी ने जिले में गिरते लिंगानुपात पर चिंता जताते हुए पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित निगरानी और छापेमारी के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क बनाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

तंबाकू नियंत्रण और चालानी कार्रवाई तेज करने के निर्देश

राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सभी विभागों और स्कूलों को सख्ती से नियम लागू करने और चालानों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही समय-समय पर इसकी समीक्षा करने की बात कही गई।

7 मई को कृमि मुक्ति दिवस, बच्चों को खिलाई जाएगी दवा

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एच.सी. पंत ने जानकारी दी कि 7 मई को जिले में कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा दी जाएगी। जिलाधिकारी ने इस अभियान की सख्त निगरानी और निजी स्कूलों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

टीबी मुक्त भारत अभियान को और तेज करने के निर्देश

बैठक में बताया गया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हाई रिस्क क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर एक्स-रे जांच की जा रही है। अब तक हजारों लोगों की जांच हो चुकी है। जिलाधिकारी ने शिक्षा, पंचायतीराज और बाल विकास विभाग के माध्यम से लोगों को जागरूक कर अधिक से अधिक जांच कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

और पढ़ें

error: Content is protected !!