Breaking News

जिला पंचायत नैनीताल की बोर्ड बैठक में विकास को मिली रफ्तार, 14 करोड़ का बजट सर्वसम्मति से पारित नैनीताल पुलिस की खेल प्रतिभा का जलवा, हैंडबॉल प्रतियोगिता में उपविजेता बनकर बढ़ाया मान अवैध होमस्टे पर चलेगा प्रशासन का डंडा, हल्द्वानी में चौराहों का होगा सौंदर्यीकरण; जिला विकास प्राधिकरण की बैठक में कई बड़े फैसले दूसरी महिला के साथ पति को रंगेहाथ पकड़ने पहुंची पत्नी, बच्चों के सामने हुआ हंगामा;थाने पहुंचा मामला निर्वाचन आयोग सख्त: छूटे मतदाताओं को तुरंत जोड़ें, फोटोयुक्त प्रपत्रों का वितरण समय पर पूरा करें धामी सरकार का ‘स्किल मिशन’ बना युवाओं की ताकत, 87 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण, हजारों को रोजगार

समाजवादी पार्टी के मेयर प्रत्याशी नदीम अख्तर ने किया आत्मदाह का प्रयास….

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

रिपोर्टर सुनील शर्मा

काशीपुर – काशीपुर में नगर निगम चुनाव के दौरान आज समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार ने अपने समर्थकों के साथ आत्मदाह का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस की सूझबूझ से उनके हाथ से पेट्रोल छीनकर उनको हिरासत में ले लिया जिसके कारण एक बड़ी घटना होने से बच गयी।

आगामी 23 जनवरी को उत्तराखंड के विभिन्न नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के साथ साथ काशीपुर नगर निगम के मेयर और पार्षद पद के लिए चुनाव होना है। समाजवादी पार्टी के मेयर प्रत्याशी नदीम अख्तर ने अपने चुनाव कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से स्थानीय प्रशासन को चेतावनी देते हुए 15 जनवरी को महाराणा प्रताप चौक पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसी के तहत आज वह महाराणा प्रताप चौक पहुंचे और आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन के द्वारा पेट्रोल की  403 मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना जो की 2018 के नगर निगम परिसीमन में शामिल हो चुके हैं प्रशासनिक लापरवाही, लाल फीताशाही और नौकरशाही  की लटकाने और अटकने की एक असीम पराकाष्ठा है । पूरी औपचारिकता, सर्वे, और नियम के तहत सारी कार्रवाई होने के बावजूद षड्यंत्र के तहत उन मतदाताओं को मत देने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। नदीम अख़्तर ने दोहराया के इस मामले पर लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है सारी कार्रवाई पूर्ण हो चुकी है सर्वे हो चुका है मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में केवल शामिल करना रह गया है जबकि प्रशासन नए-नए बहाने बनाकर इस मामले को लटकना चाहते है इस तरह से मतदाताओं के साथ भेदभाव करना उनके अधिकारों का हनन है और इस सिलसिले में प्रशासन को पहले ही लिखकर दिया जा चुका है कि 15 तारीख को अगर वोटर लिस्ट में उन 403 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए तो मजबूरी में आत्मदाह जैसा कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

और पढ़ें

error: Content is protected !!