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संदिग्ध परिस्थितियों में मिला युवक का शव ,आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने किया आक्रोश व्यक्त….

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काशीपुर में बीते रोज एक परिवार में उस वक्त दीपावली की खुशियां मातम में बदल गई जब परिवार के युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही पूरे शहर में जंगल में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद एक एक कर लोगों की फिल्म घटनास्थल पर जमा हो गई।

 

 

 

 

इस दौरान हत्या का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा काटते हुए आक्रोश व्यक्त किया। मृतक के शव को पुलिस ने बमुश्किल कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंपा लेकिन देर शाम आक्रोशित लोगों ने शव को रखकर एक बार फिर जाम लगा दिय। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए मृतक के परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए मृतक के शव का अंतिम संस्कार करवा दिया।

 

 

 

 

काशीपुर टांडा उज्जैन निवासी विजय ठाकुर के तीन पुत्रों और एक बेटी में तीसरे नम्बर का 22 वर्षीय पुत्र गिरीश ठाकुर  मुरादाबाद रोड स्थित एक निजी अस्पताल में वार्ड बॉय था। बीती सायं तक लोगों ने गिरीश को देखा था। इसके बाद सुबह  उसका शव टांडा उज्जैन की गन्ना समिति परिसर स्थित रेलवे फाटक के पास सड़क किनारे पड़ा हुआ मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही मौके पर मृतक के परिजनों समेत लोगों का जमावड़ा लग गया।

 

 

 

 

 

वहीं सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस का लोगों ने घेराव किया तथा हत्या का आरोप लगाते हुए हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इस दौरान पुलिस ने बमुश्किल परिजनों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। वहीं परिजन लगातार कुछ युवकों पर गिरीश की हत्या का शक जताते रहे।

 

 

 

 

परिजनों के मुताबिक तीन-चार दिन पूर्व उसका कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था। जिसकी शिकायत उनके द्वारा टांडा उज्जैन पुलिस चौकी पुलिस से की गई थी परंतु पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते शिकायत पर कार्रवाई करती तो गिरीश जिंदा होता।

 

 

 

 

वहीं एएसपी चन्द्रमोहन सिंह ने बताया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिये दो पुलिस टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा। उधर परिजनों ने देर शाम तक हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर एक बार फिर म्रतक के शव को घर के पास ही सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।

 

 

 

 

मृतक के आक्रोशित परिजनों द्वारा फिर से सड़क जाम की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी भारी मात्रा में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर तथा आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देते हुए जाम खुलवाया तथा मृतक के शव का अंतिम संस्कार करवा दिया।

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