Breaking News

ऑपरेशन प्रहार में पुलिस की बड़ी कामयाबी, कार से 27.12 किलो गांजा बरामद; सात लाख के नशे के साथ तस्कर गिरफ्तार कुमाऊं में स्वास्थ्य सेवाओं को बड़ी सौगात, चंदन हॉस्पिटल हल्द्वानी CGHS में एम्पेनल्ड नैनीताल की लाइफलाइन मॉल रोड का पुनर्निर्माण तेज, गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा होगा काम रामगढ़ के नथुवाखान में बड़ा हादसा, अनियंत्रित ऑल्टो कार खाई में गिरी; दो घायल एसटीएच रेफर एसएसपी अजय गणपति ने पंजा कुश्ती में दिखाया दम, विश्व विजेता दलजीत सिंह गोराया के साथ रोमांचक मुकाबले में दर्ज की जीत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रशासन सक्रिय, नैनीताल में 2,35,085 नोटिस जारी; 2,30,222 का हुआ वितरण

दुर्लभ प्रजाति के पैंगोलिन के साथ एक तस्कर गिरफ्तार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

ख़बर शेयर करें -

एसटीएफ टीम ने तराई केन्द्रीय वन प्रभाग की टीम के साथ की संयुक्त कार्रवाई

रुद्रपुर-(एम सलीम खान) यहां वन जीव तस्कर को गिरफ्तार करने में एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने बड़ी सफलता हासिल प्राप्त की है। कुमाऊं की एस टी एफ टीम ने तराई वन प्रभाग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए दुर्लभ प्रजाति के पैंगोलिन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ एस एस पी अंजय सिंह ने बताया कि एस टी एफ को सूचना मिली कि एक वन्य जीव तस्कर पैंगोलिन को गूलरभोज क्षेत्र के जंगल से पकड़ कर महतोष मोड़ के पास बेचने की फिराक में हैं।

 

वन विभाग की टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए टीम ने महतोष मोड़ से एक संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोच लिया। टीम ने उसके पास से 34 किलोग्राम का पैंगोलिन बरामद किया है। पूछताछ में उसने अपना नाम सिलबाती थाना नानकमत्ता निवासी सुखविंदर सिंह बताया। दो साल पूर्व भी पकड़े गए थे पैंगोलिन के साथ तस्कर साल 2019 में भी पैंगोलिन वन्य जीवों के साथ तस्करों को पकड़ा गया था।एस टी एफ के मुताबिक दो साल पहले पैंगोलिन तस्करी के दो मामलों में सात वन्य जीव तस्करों को गिरफ्तार किया गया था।

 

कारवाई में आरक्षी किशोर कुमार और महेंद्र गिरी की विशेष भूमिका रही थी। साल के जंगलों में पाया जाता है यह जीव तराई केन्द्रीय वन प्रभाग रुद्रपुर के डीएफओ चन्द्रशेखर जोशी ने बताया कि वन विभाग तथा एस टी एफ द्वारा बरामद किया गया जीव पैंगोलिन दुर्लभ प्रजाति का शेड्यूल वन श्रेणी का जीव है। शेड्यूल वन में टाइगर,शेर,हाथी आदि जीवों को रखा जाता है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में पैंगोलिन मुख्य रूप से साल के जंगलों में पाया जाता है।

और पढ़ें

error: Content is protected !!