उत्तराखण्ड काशीपुर

अकीदत के साथ मनाया पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाईश…..

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काशीपुर – पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाईश देशभर में बड़े ही धूमधाम और अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर देवभूमि उत्तराखंड में विभिन स्थानों के साथ साथ काशीपुर में जुलूस ए मोहम्मदी का आयोजन किया गया। इस दौरान मुस्लिम समाज मे खासा उत्साह देखा गया।

 

इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक रजब माह के 12 रबीउल अव्वल को पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म हुआ था। मुस्लिम समाज के द्वारा पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन को जश्ने ईद मिलादुन्नबी के रूप में मनाते हैं। वहीं पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म की खुशी में मुस्लिम समुदाय के द्वारा धार्मिक स्थलों सड़कों व अपने मकान को इलेक्ट्रॉनिक की झालरों से सजाते हैं। वहीं काशीपुर में भी पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर बड़ी धूमधाम के साथ जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। साथ ही इस मौके पर  शहर में जुलूस ए मोहम्मदी का आयोजन किया गया। वारह-वफात के मौके पर जुलूस के रुप में सारे शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी जुलूस निकाला गया।

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इस मौके पर शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी पहले मोहल्ला बांसफोडान में एकत्र हुआ जहां से शुरू होकर मुरादाबाद रोड, रेलवे स्टेशन रोड, महाराणा प्रताप चौक, रोड, नगर निगम रोड, मैन बाजार होता हुआ वापस मोहल्ला अल्ली खां में पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में मक्का मदीना की झांकी के अलावा अल्लाह की याद में उनके जायरीन झूमते नजर आए। इस जुलूस में जगह जगह सबीले व तबररुक बांटा गया और हैरतंगेज करतब भी देखने को मिले। इस जुलूस में लकडी पर मुस्लिम नक़्शे बनाकर निकाले गए जिसमें खान-ए-काबा, मक्का मदीना की झांकी, मस्जिद चांद तारे का नक्शा देखने को मिला। जुलूस में सबसे आगे सऊदी अरबिया लिबास पहने लोग घोड़े और ऊँट पर सवार थे। इस मौके पर मौलानाओं ने नबी की शान में नातें पढीं। जुलूस कडी सुरक्षा के बीच अल्ली खां में पहुॅचकर समाप्त हुआ।

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जुलूस का जगह जगह फूलों की बर्षा कर स्वागत किया गया। इस मौके पर शहर इमाम मौलाना मुफ़्ती मुनाजिर ने अल्लाह के नक़्शे कदम पर चलने का आह्वान किया और बताया कि जुलूस कि तैयारी एक माह पूर्व से शुरू की जातीं है। इमाम हुसैन साहब आज के दिन इस दुनिया में तशरीफ लाए थे इस दिन को प्यारे आका की याद में हर साल जन्मदिन के रूप में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के नाम से जुलूस निकालते हैं। जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस बड़े ही अदब व एहतराम के साथ साथ बड़े ही धूमधाम के साथ जुलूस निकालकर प्यारे आका सल्लल्लाहो ताला अलेही वसल्लम को याद किया गया।  वहीं स्थानीय लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों और नन्ने मुन्ने बच्चों को मिठाई व फल वितरित किये गए।

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