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नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूलों में किया जा रहा कई कार्यक्रमों का आयोजन…..

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जयहरीखाल- नई शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूलों में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। 28 सितंबर से 11 दिसंबर, 2023 तक 75 दिनों के लिए भाषा अनेक भाव एक थीम के साथ भारतीय भाषा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है यह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

 

इस कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्रीय भाषाओं और टेक्नोलॉजी के उपयोग के माध्यम से भाषा सीखने को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।इस कार्यक्रम का समापन 11 दिसंबर 2023  को महान राष्ट्रवादी तमिल कवि और सेनानी सुब्रमण्यम भारती जिन्हें महाकवि भारती के नाम से जाना जाता है,की जन्म जयंती पर  किया जायेगा।

इन सभी थीम पर होंगी समस्त विद्यालयी गतिविधियां-

सप्ताह 1-28 सितंबर से 4 अक्टूबर: पर्यावरण/प्रकृति

सप्ताह 2-5 अक्टूबर से 11 अक्टूबर: साहित्य

सप्ताह 3-12 से 18 अक्टूबर: भोजन

सप्ताह 4-19 से 25 अक्टूबर: अपने परिवेश को जानना

सप्ताह 5-26 अक्टूबर से 1 नवंबर: मेरा विद्यालय

सप्ताह 6-2 से 8 नवंबर: वैल्यू

सप्ताह 7-9 नवंबर से 15 नवंबर: अंकगणित एवं गणित

सप्ताह 8-16 से 22 नवंबर: अपनी प्रतिभा दिखाएं

सप्ताह 9-23 से 29 नवंबर: मेरे विचार, मेरा आइडिया

सप्ताह 10-30 नवंबर से 6 दिसंबर: रीडिंग एंड एक्सप्रेशन

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सप्ताह 11-7 दिसंबर से 11 दिसंबर: श्री सुब्रमण्यम भारती को समर्पित”

 75 दिवसीय भारतीय भाषा उत्सव* के तहत  भाषायें अनेक भाव एक कार्यक्रम में चतुर्थ सप्ताह 19 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक का विषय अपने परिवेश को जानना भारतीय भाषा उत्सव के संबंध में हमारे जनपद पौड़ी गढ़वाल को आबंटित भाषायें हिंदी,संस्कृत और तमिल हैं।इस कार्यक्रम के माध्यम से यह उम्मीद की जाती है कि,हम सभी के द्वारा कम से कम सप्ताह में एक बार प्रार्थना सभा में किसी एक भारतीय भाषा में एक गीत जरूर गाया जाए।

 

इसे स्कूल असेंबली के लिए एक स्थाई गतिविधि बनाया जा सकता है।छात्र-छात्राएं दूसरे क्षेत्र के त्यौहार, रीति रिवाज,व्यंजनों,पोशाक,वाद्ययंत्रों,घरेलू वस्तुओं आदि के बारे में भी सीख सकते हैं। प्रत्येक छात्र को अपनी वर्कशीट पर एक फल और सब्जी की तस्वीर चिपकाकर अन्य भारतीय भाषाओं में उसका नाम ढूंढने को दिया जा सकता है और उसे अपने सहपाठियों के साथ साझा करने को कहा जा सकता है।

 

पारंपरिक खाद्य पदार्थ अनाज आदि के नाम खोज कर अन्य भाषाओं में साझा करते हुए विभिन्न क्षेत्रों के अनाज, फल,मसाले आदि का प्रदर्शन किया जा सकता है।विभिन्न भाषाओं में परिचित और अपरिचित शब्द ढूंढना और वाक्यांश लिखना, विशिष्ट वनस्पतियों, ऋतुओं, घरेलू वस्तुओं आदि के नाम लिखने से संबंधित गतिविधियाँ भी की जा सकती हैं।किसी बड़े शहर के मानचित्र में संग्रहालय, ऐतिहासिक महत्व की इमारत, पुस्तकालय महत्वपूर्ण बाजार,  थिएटर और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की पहचान कर विभिन्न भाषाओं में नाम लिखना आदि कराया जा सकता है।विद्यालयों में हम सभी लोग अन्य भारतीय भाषाओं पर आधारित एक नाटक की प्रस्तुति,

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लोक नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से छात्रों के बीच भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना, विभिन्न प्रांतो के  व्यंजनों के बारे में जानकारी प्राप्त करना अन्य भारतीय भाषाओं में कविता नारा लेखन करना आदि किया जा सकता है।यदि कक्षा में कोई छात्र किसी भारतीय भाषा की जानकारी रखता है तो उसे टीचर ऑफ द डे के  तहत शिक्षक की भूमिका निभाने के लिए कहा जा सकता है। मेरी भाषा मेरा गौरव विषय पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में पांच-पांच संवाद लिखवाये जा सकते हैं।

 

पोस्टर प्रतियोगिताओं के माध्यम से वरिष्ठ छात्रों को लैंग्वेज ऑफ द डे गतिविधि का उपयोग कर पोस्टर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है और तीन सर्वश्रेष्ठ पोस्टरों को स्कूल डिस्प्ले बोर्ड पर लगाया जा सकता है। इसी क्रम में हम लोगों ने अपने विद्यालय, राजकीय प्राथमिक विद्यालय मेरुड़ा,संकुल केंद्र-मठाली, विकासखंड-जयहरीखाल में कार्यक्रम की शुरुआत से ही बच्चों ने अपनी मार्गदर्शक शिक्षिका श्रीमती रिद्धि भट्ट के कुशल मार्गदर्शन में उपरोक्त गतिविधियों के साथ आगे बढ़ना शुरू किया।

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सभी विद्यार्थियों ने दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के विभिन्न प्रकार के व्यंजनों इडली, डोसा,सांभर आदि का विद्यालय में भरपूर लुफ्त लिया,साथ ही अपने परिवेश को जानना थीम  के अंतर्गत बच्चों ने विभिन्न प्रकार की पोशाकें पहनकर बहुत सुंदर गतिविधियाँ करते हुए,बेहतरीन प्रदर्शन किया।विद्यालय में आयोजित समस्त कार्यक्रमों के दौरान,ग्राम सभा मेरुड़ा के ग्राम प्रधान श्री दीनदयाल जदली,पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य और सामाजिक सरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व श्री अनुसूया प्रसाद जदली,

 

विद्यालय प्रबंधन समिति मेरुड़ा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद विद्यार्थियों के अभिभावकों में श्रीमती सुनीता देवी, श्रीमती अनीता देवी, श्रीमती रंजना देवी, श्रीमती सुषमा देवी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में श्री दीनदयाल जदली जी ने अपने संबोधन में विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

 

उन्होंने विद्यालय के दोनों गुरुजनों, बच्चों के माता-पिता तथा अभिभावकों को शानदार प्रदर्शन के लिये अपनी तरफ से ढेर सारी शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव थपलियाल ने सभी आगंतुकों का ह्रदय की गहराई से आभार व्यक्त किया।

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