हल्द्वानी/काठगोदाम – उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्याओं और अन्य लंबित मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन ने निगम प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, कुमाऊं क्षेत्र की ओर से गुरुवार को मंडलीय प्रबंधक (संचालन), काठगोदाम को 15 सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित किया गया। संगठन ने मांगों पर निर्धारित समय-सीमा में ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
संगठन के अनुसार 5 अक्टूबर को रुद्रपुर में आयोजित क्षेत्रीय बैठक में निगम कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या समेत विभिन्न महत्वपूर्ण मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बैठक में क्षेत्रीय प्रबंधन समिति ने निर्णय लिया कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए निगम प्रबंधन को मांग पत्र भेजकर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की जाएगी।

22 अक्टूबर तक कार्रवाई का अल्टीमेटम
इसी निर्णय के तहत 8 अक्टूबर को मंडलीय प्रबंधक (संचालन), काठगोदाम को संगठन की ओर से 15 सूत्रीय मांग पत्र भेजा गया। इसमें कर्मचारियों के वेतन भुगतान की समस्या सहित विभिन्न लंबित मामलों को निगम प्रबंधन के समक्ष रखते हुए उनके शीघ्र समाधान की मांग की गई है।
संगठन ने प्रबंधन को स्पष्ट किया है कि यदि 22 अक्टूबर 2026 तक कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया गया और 15 सूत्रीय मांग पत्र पर ठोस एवं सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो कर्मचारी संगठन अपने हितों की रक्षा के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
23 अक्टूबर से धरना-आंदोलन की चेतावनी
परिषद ने कहा है कि निर्धारित समय-सीमा तक मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में 23 अक्टूबर 2026 से आंदोलन एवं धरना कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। संगठन ने उम्मीद जताई है कि निगम प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समय रहते सकारात्मक निर्णय करेगा, जिससे कर्मचारियों को आंदोलन के लिए विवश न होना पड़े।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कहा कि कर्मचारियों की वेतन संबंधी समस्या सहित अन्य लंबित मांगों का समाधान समय पर होना जरूरी है। संगठन ने प्रबंधन से कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मांग पत्र पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा की है।
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, कुमाऊं क्षेत्र ने दोहराया कि यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं हुआ तो कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।











