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जंतर–मंतर पर विशाल धरना प्रदर्शन, आज़म ख़ान और उनके परिवार के समर्थन में उठी आवाज़….

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नई दिल्ली– दिल्ली के जंतर–मंतर पर आयोजित विशाल धरना–प्रदर्शन को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समर्थन दिया। यह धरना अकबर नबी इदरीसी, राष्ट्रीय अध्यक्ष (आंदोलन पार्टी), समाजवादी पार्टी, जिला बिजनौर के आह्वान पर आयोजित किया गया था। धरना–प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव एवं जौनपुर सदर के पूर्व विधायक मोहम्मद अरशद खान अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर प्रदर्शन को समर्थन दिया।

इस दौरान वक्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म ख़ान, उनके पुत्र एवं पूर्व विधायक अब्दुल्लाह आज़म ख़ान, उनके परिवार तथा जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर से जुड़े मामलों को लेकर गहरी चिंता जताई। धरना–प्रदर्शन के माध्यम से भारत का सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश से निम्नलिखित बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की अपील की गई—

  1. मोहम्मद आज़म ख़ान, उनके परिवार और जौहर विश्वविद्यालय पर दर्ज सभी मुकदमों को उत्तर प्रदेश से बाहर स्थानांतरित किया जाए, ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र न्याय सुनिश्चित हो सके।
  2. आज़म ख़ान, उनके परिवार और जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित लगभग 340 मुकदमों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति (SIT) का गठन किया जाए।
  3. उक्त समिति द्वारा तीन माह की समय-सीमा में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और सभी पक्षों को न्याय मिल सके।

धरना–प्रदर्शन में मौजूद नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि न्याय, लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि देश की सर्वोच्च अदालत इस विषय पर निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी।

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