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रिखणीखाल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाक्टरों व अन्य कर्मचारियों का किया जा रहा मानसिक, शारीरिक  व आर्थिक शोषण…..

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रिखणीखाल- रिखणीखाल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्साधिकारी डाक्टर हेमन्त द्वारा अपने मातहत डाक्टरों व अन्य कर्मचारियों का मानसिक, शारीरिक  व आर्थिक शोषण किया जा रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल में वर्तमान में तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा लगातार अपने अधीनस्थ डाक्टर व कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है,जैसा कि उन्होंने शिकायती पत्र में लिखा है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी  पौड़ी गढ़वाल को दो पृष्ठ का शिकायती पत्र भेजा है तथा अन्य जनप्रतिनिधियों व अधिकारियो को भी प्रतिलिपि भेजी है।उसमें  क्रमशः  विन्दुवार 15 आरोपों की सूची दी है।इन पीड़ित कर्मचारियों कि कहना है कि हमारी मांग  है कि ऐसे प्रभारी चिकित्साधिकारी का तबादला  शीघ्र अन्यत्र किया जाये ताकि अस्पताल  की व्यवस्था सुचारू चल सके।

 

इनका आतंक इतना फैला है कि गांवों में तैनात  ए एन  एम  तक इन साहिब से परेशान  व दुखी हैं। जैसे रश्मि भट्ट तिमलसैण व किरन राठौर बडियारगाव आदि।ए एन  एम किरन राठौर ने तो मानसिक तनाव ,टेंशन के कारण अपनी जीवनलीला ही समाप्त  कर दी।अब आप सोच सकते हैं कि इन विपरीत  परिस्थिति में वहां जाने वाले बीमार  मरीज  व गर्भवती महिलाओं का इलाज  कैसे होता  होगा।इसी से सहज  अंदाजा लगा सकते  हैं।

 

धन उगाही की खबरें भी हैं जो कि एम्बुलेंस चालक माध्यम  है।एम्बुलेंस वाहन का दुरुपयोग  भी होता रहता है।जो निजी कार्यों, सब्जी आदि लाने में देखा गया है।जब मरीज  को जरूरत होती है उस समय तेल खत्म होने का बहाना किया जाता है या वाहन पंचर कहकर टाल दिया जाता है।

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