उत्तराखण्ड ज़रा हटके लालकुआं

28 दिन से चल रहे अनिश्चितकाल धरने स्थल पर बुलाई गई सर्वदलीय महापंचायत….

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लालकुआं-स्थानीय सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन पर कर्मचारियों के उत्पीड़न को लेकर बीते 28 दिन से चल रहे अनिश्चितकाल धरने स्थल पर आज सर्वदलीय महापंचायत बुलाई गई जिसमें क्षेत्र के सभी राजनीतिक दल के नेताओं ने पहुंचकर मिल प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी वही महापंचायत में पहुंचे काग्रेंस के कद्दावर एंव नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मिल प्रबंधक को दो टूक में चेतावनी दी है कि अगर कर्मचारियों की मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा साथ ही उन्होंने कहा कि उनके द्वारा सेंचुरी पेपर के मामले को सदन में उठाया जायेगा।

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इस दौरान सेचुरी पेपर मिल के मुख्य गेट एंव धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बताते चलें कि बिन्दूखत्ता के काररोड स्थित शहीद स्मारक पर सेचुरी पेपर मिल के खिलाफ बीते 28 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने सर्वदलीय महापंचायत बुलाई जिसमैं पहुंचे काग्रेस के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कर्मचारियों द्वारा जारी आन्दोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि अपने अधिकारों के लिए युवा नेता शंकर जोशी के नेतृत्व में स्थानीय मजदूर बीते 28 दिन से आंदोलित हैं

 

उन्होंने कहा कि मिल के वायु प्रदूषण व जल प्रदूषण के स्थाई रोकथाम कि मांग लम्बे समय उठ रही हैं लेकिन जिला प्रशासन और मिल प्रशासन अभी भी इस और अपनी आंखें मूंदे बैठा हुआ है। उन्होंने कहा बड़े बड़े मामले बैठक कर निपटाए जाते हैं लेकिन मिल प्रबंधक अपनी अहंकारी के चलते धरने पर बैठे मजदूर से बात करने को राजी नहीं है उन्होंने कहा कि मिल प्रशासन को मजदूरों कि बाते सुनने के लिए समय तक नही है

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उन्होंने कहा कि सेचुरी मिल से निकल रहे जलप्रदूषण से आसपास के क्षेत्रों की जमीन बंजर हो गई है लोग दूषित पानी पीने को मजबूर है मिल से जल जमीन सब बर्बाद हो रहा है लेकिन प्रशासन है इस और अपनी आंखें मुदे हुऐ है उन्होंने कहा कि सेचुरी पेपर मिल के इस मामले को उनके द्वारा सदन में उठाया जाएगा।

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साथी उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मिल प्रबंधन द्वारा मजदूर की मांगों को नहीं माना गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा है इस बीच देर शाम महापंचायत पर प्रशासन ने आंदोलनकारियों और मिल प्रबंधक के बीच एक समझौता बैठक बुलाई गई जो कि पूरी तरह विफल साबित हुई।

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