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हल्द्वानी में चला बुलडोज़र, उजड़े कारोबारि, सुबह नौ बजे से चला अभियान, फोर्स तैनात..Video

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हल्द्वानी – वन विभाग ने एचएन इंटर कॉलेज की बाउंड्री वॉल से सटी 44 दुकानों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस थमाया था, जिसे प्रशासन की टीम ने जेसीबी चलाकर ध्वस्त करा दिया, इस बीच अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम से लोगों की हल्की बहस भी हुई मगर प्रशासन ने किसी की एक न सुनी। आपको बता दें हल्द्वानी रामपुर रोड स्थित वन विभाग की जमीन पर एच.एन. इंटर कॉलेज की बाउंड्री में बनी 44 दुकानों पर प्रशासन का बुलडोजर चल गया। भारी पुलिस फोर्स के साथ पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों की मौजूदगी में दुकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

 

 

हल्द्वानी के रामपुर रोड 44 दुकानों के कारोबारियों में इस वक्त भारी आक्रोश है उनका कहना है की सरकार ने उनका पक्ष नहीं सुना है वह अतिक्रमणकारी नहीं है इसके बावजूद उनके कारोबारों को उजाड़ा जा रहा है।इस दौरान वन विभाग की एसडीओ शशि देव, सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, लालकुआं सीओ संगीता, कोतवाल हरेन्द्र चौधरी, एसओ बनभूलपुरा नीरज भाकुनी, एसओ चोरगलिया भगवान महर, रेंजर रूप नारायण गौतम समेत वन विभाग और पुलिस फोर्स मौजूद रही, इस दौरान बताया गया कि यह 44 दुकान अवैध है, जो की एचएन इंटर कॉलेज को वन विभाग द्वारा दी गई लीज पर बनाई गई थी, लीज समाप्त हो गई है अब इन दुकानों को तोड़ दिया गया।

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बताते चलें हल्द्वानी में वन विभाग और प्रशासन ने हाईकोर्ट के निर्देश पर वन भूमि पर बनी 44 दुकानों को ध्वस्त करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। बता दें कि रामपुर रोड एचएन इंटर कॉलेज समीप बनी दुकानों की लीज़ खत्म हो गई थी, जिसके बाद वन विभाग ने दुकान स्वामियों को दुकान खाली करने का नोटिस दिया था। दुकानदार नोटिस के खिलाफ उत्तराखंड हाईकोर्ट पहुँचे, जहां से उन्हें लगभग 05 माह में दुकान खाली करने का समय उस वक़्त मिला जिसकी मियाद ख़त्म हो चुकी थी। आपको बता दें कि वन विभाग की तराई केंद्रीय वन डिवीजन ने हरिदत्त नित्यानंद इंटर कॉलेज को लीज पर कुल 12.23 एकड़ जमीन दी थी। लीज में शर्त थी कि भूमि का उपयोग सिर्फ शिक्षण के लिए ही होगा। वर्ष 1990-91 में लीज की शर्तों का उल्लंघन हुआ, कॉलेज की बाउंड्री से सटी वन भूमि पर अवैध ढंग से दुकानें बना दी गईं।

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फिर देखते ही देखते 44 दुकानें बन गईं इनमें मेडिकल स्टोर, रेस्टोरेंट, मोबाइल रिचार्ज, सब्जी, मीट, फोटो स्टेट आदि की दुकानें बन गईं वन विभाग ने 5.23 एकड़ भूमि की लीज निरस्त कर कॉलेज प्रबंधन से वन भूमि से वैध व अवैध कब्जे हटाकर भूमि को वन महकमे के सुपुर्द करने को पत्र लिखा। इसके बाद मामला सिटी मजिस्ट्रेट, जिला कोर्ट और हाईकोर्ट तक पहुंचा। जहां वन भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए गए थे। बाद में दुकानदारों ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर 31 अक्टूबर तक की मोहलत मांगी थी। बाद में फिर से प्रार्थना पत्र सौंपकर 30 नवंबर तक की मोहलत मांगी। इधर, एक नवंबर को वन विभाग ने नोटिस जारी कर 24 घंटे में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे।

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