देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि समान नागरिक संहिता (UCC) के लागू होने के बाद उत्तराखंड में अब तक 2 लाख से अधिक विवाह पंजीकरण पूरे हो चुके हैं। उन्होंने इसे “ऐतिहासिक बदलाव” करार दिया और इसे राज्य की जागरूक व न्यायप्रिय जनता की सफलता बताया।
मुख्य बातें:
- पंजीकरण संख्या: जनवरी 27 से अब तक 2 लाख+ विवाह UCC नियमों के अंतर्गत डिजिटली/ऑनलाइन पंजीकृत हो चुके हैं।
- सरकारी पहल: सरकार ने 26 जुलाई 2025 तक विवाह पंजीकरण को पूरी तरह मुफ़्त कर दिया है ताकि आर्थिक बाधा किसी को उसकी अधिकारिता से वंचित न करे।
- सरल प्रक्रिया का मार्गदर्शन: धामी ने सभी नागरिकों से ऑनलाइन पंजीकरण करने की अपील की, ताकि गांव-देहात तक UCC जागरूकता और अमलीकृत हो सके।
- राज्य का विकास दृष्टिकोण: उन्होंने इसे ‘देवभूमि की देव तुल्य जनता के विश्वास और सहभागिता का प्रमाण’ बताते हुए इसे उत्तराखंड की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
समाजिक एवं कानूनी प्रभाव:
- पारदर्शिता और समान न्याय: UCC के माध्यम से विवाह, तलाक, लिव-इन और उत्तराधिकार संबंधी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनी है।
- समावेशी कानून: उम्र-समानता, अधिकतम पारंपरिक बाधाओं का निवारण और लिंग-न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।
- लोगों की भागीदारी: 98% ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त 5 लाख से अधिक आवेदन इस पहल की व्यापक स्वीकृति बता रहे हैं।
आगे की योजना:
- सरकार सामान्य सेवा केन्द्रों, पोर्टल और ऐप्स के जरिए पंजीकरण को और सरल बना रही है।
- कैंपेन और जागरूकता कार्यक्रम से 26 जुलाई तक पंजीकरण अनुरूप खिंचाव पर जोर है।
- नागरिकों से आग्रह है कि वे अपने विवाह को यथाशीघ्र पंजीकृत कर एक न्यायपूर्ण, आधुनिक उत्तराखंड के निर्माण में सहयोग करें।
