उत्तराखण्ड ज़रा हटके हल्द्वानी

बस अड्डे पर छाई सूनसान,यात्रियों का इंतजार करते-करते रद्द करनी पड़ीं 20 बसें…..

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हल्द्वानी- अयोध्या में भगवान राम के नए मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में एक ओर जहां शहर की सड़कें रामभक्तों की भीड़ से पटी थीं, वहीं बस अड्डे पर सुनसानी छाई थी। रोडवेज परिसर में बसें तो खड़ी थीं, लेकिन सवारियां बेहद कम थीं। इस कारण बसों को कम यात्रियों के साथ रवाना करना पड़ा। ऐसे में 20 बसें कैंसिल कर दी गईं। सोमवार को बस अड्डे के हाल का सुशीला मेहरा और सुमन ने लिया जायजा।

 

आम दिनों में नैनीताल जाने वाले सैलानियों की भीड़ से भरी रहने वाली उत्तराखंड परिवहन निगम की बसें सोमवार को खाली नजर आयीं। हल्द्वानी डिपो की एक बस में 10 सवारियां बैठी थी। यात्री प्रमोद बिष्ट ने बताया कि एक घंटे से बस में बैठे हैं, लेकिन सवारी न होने से अभी तक बस चली ही नहीं। वहीं भीमताल रूट पर चलने वाली हल्द्वानी डिपो की बस के परिचालक रंजीत शर्मा ने बताया कि अन्य दिनों की अपेक्षा आज छुट्टी और ठंड के कारण यात्रियों की संख्या कम है।

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हल्द्वानी से बरेली जाने वाले बरेली डिपो के बस चालक इम्फ्याल ने बताया कि आज सवारी बहुत कम मिल रही हैं। यह बस 48 सीटर है, लेकिन आधा घंटा होने को है और अभी 18 सवारी ही हैं। वहीं रामनगर, रुद्रपुर के बीच चलने वाली बसों में भी सोमवार को नाममात्र की ही सवारियां बैठी हुई नजर आयी। रामनगर से आ रही रामनगर डिपो की बस से एक सवारी ही बस अड्डे पर उतरती दिखी। दिल्ली रूट पर भी सवारियों का इंतजार सोमवार को सबसे व्यस्त रहने वाले दिल्ली रूट की बसों को भी सवारियां का इंतजार करना पड़ा।

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आलम यह रहा कि 10 से 15 मिनट में भरने वाली दिल्ली की बसें आधे घंटे से अधिक समय तक खड़े रहने के बावजूद आधी भी नहीं भर पा रही थी। नैनीताल-दिल्ली रूट पर चलने वाली भवाली डिपो के बस चालक जावेद ने बताया कि आज वह 9 यात्रियों को लेकर ही यहां पहुंचे हैं। अन्य दिनों ऑफिस जाने वाले और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं मिल जाते थे, लेकिन आज छुट्टी होने के कारण यात्री बहुत ही कम मिले। जबकि अल्मोड़ा डिपो की दिल्ली से अल्मोड़ा जाने वाली बस में भी नाम मात्र के यात्री नजर आए। वहीं हल्द्वानी से दिल्ली जाने वाली बस को स्टैंड पर आधे घंटे खड़े रहने के बाद महज 12 सवारी ही मिल सकीं।

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