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मण्डलायुक्त दीपक रावत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र  का  किया औचक निरीक्षण….

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बाजपुर-मण्डलायुक्त दीपक रावत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बाजपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने सैम्पलिंग केन्द्र, ऐक्स-रे रूम, अल्ट्रासाउण्ड, वैक्सीनेशन केन्द्र, दन्त शल्य कक्ष, दवाई विरतण कक्ष, लेबर रूम, वार्ड, जन-औषधि केन्द्र आदि का गहनता से निरीक्षण करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ0 पंकज माथुर को चिकित्सालय में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार लाने के दिशा निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर सुविधा मिलें, अन्यथा सम्बन्धित के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही अमल में लाई जायेगी। उन्होने परिसर में आने वाले मरीजों के लिए पानी, दवाईयां, शौचालय, साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिये। उन्होने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिये है कि अस्पताल में दन्त चिकित्सक के उपचार हेतु जिन उपकरणों की आवश्यकता है उनको क्रय करने हेतु अतिशीघ्र आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। उन्होने दवाई वितरण केन्द्र पर सभी दवाईयों का निरीक्षण किया

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और सम्बन्धित अधिकारी को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी भी दशा में समाप्ति तिथि (ऐक्सपाईरी डेट) के उपरान्त दवाई न दी जाये। उन्होने दवाई विरतण कक्ष की गहनता से निरीक्षण किया। उन्होने चीफ फार्मासिस्ट मुकेश से दवाईयों के स्टाॅक की विस्तृत रूप जानकारी ली। निरीक्षण में उन्होने पाया कि स्टाॅक रजिस्टर मे दवाईयां खत्म किन्तु अस्पताल में दवाईयां उपलब्ध पाई गयी,

उन्होने बताया कि ऐसी दवाईयां अस्पताल में कुछ लोगों को दी जा रही है किन्तु कुछ जरूरतमन्दों को दवाईयां नही दी जा रही है जिस पर उन्होने चीफ फार्मासिस्ट को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए। मण्डलायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो दवाईयां अस्पताल में उपलब्ध है

 

उनका विवरण अस्पताल के बाहर प्रदर्शित करें ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपलब्ध दवाईयों की जानकारी हो सके। उन्होने अस्पताल में विटामिन-सी, बुखार, गैस आदि जैसी सामान्य दवाईयां उपलब्ध न होने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई। उन्होने स्वास्थ्य निदेशक से दूरभाष पर वार्ता कर उक्त प्रकरण की जांच कर अवगत कराने को कहा।

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उन्होेने सीएमएस को कड़े निर्देश दिये कि ई-औषधी पोर्टल को अपडेट रखें एवं सीएमएस को अस्पताल में उपलब्ध दवाईयों की पूर्ण जानकारी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होने कहा कि सीएमएस यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल में सभी आवश्यक दवाईयां उपलब्ध रहे, उसके लिए समाप्त हुई दवाईयों की मांग ससमय करें ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को निशुल्क दवा उपलब्ध कराई जा सके।

 

उन्होने अस्पताल में दवाई उपलब्ध होने पर आगंनबाड़ी कार्यकत्री उर्मिला पाठक को अस्पताल से दवाई न देने एवं अन्यत्र मेडिकल स्टोर से दवाई खरीदने पर चीफ फार्मासिस्ट एवं सीएमएस को कड़ी फटकार लगाई। उन्होने खरीदी गई दवाई वापस करा पैसे दिलवाये एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री को अस्पताल से ही दवाई उपलब्ध कराई।
मण्डलायुक्त ने स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में स्थित प्रधानमंत्री जन औषधी केन्द्र का निरीक्षण किया।

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निरीक्षण करने पर असंतोष जताते हुए उन्होने चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए कि जन औषधी केन्द्र का निरीक्षण करे कि यदि मरीजों को आवश्यकतानुसार दवाईयां उपलब्ध नही करा रहें है तो उनका अनुबन्ध निरस्त कर अन्य को दिया जाये। उन्होने कहा कि सामुदायिक केन्द्रों पर डाॅक्टरों की उपस्थिति की जानकारी हेतु प्रचार-प्रसार करें ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशान न होना पड़े।

 

निरीक्षण के दौरान उपस्थित आशा कार्यकत्रियों द्वारा प्रोत्साहन राशि एवं मानदेय नियमित रूप से न मिलने पर मण्डलायुक्त को अवगत कराया गया। मण्डलायुक्त ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि अतिशीघ्र आवश्यक कार्यवाही कर अवगत करायें ताकि आशा कार्यकत्रियों को ससमय उनका भुगतार मिल सके।

 

उन्होने वहां उपस्थित मरीजों व तीमारदारों से बात कर उनके स्वास्थ्य के बारे मे पुछते हुऐ स्वास्थ्य केन्द्र की व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी ली। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह, उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी, सीओ वन्दना वर्मा, तहसीलदार युसुफ अली आदि उपस्थित थे।

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