देहरादून – विद्यालयी शिक्षा विभाग में लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए शासन ने डेढ़ दर्जन उप शिक्षा निदेशकों को संयुक्त शिक्षा निदेशक के पद पर पदोन्नत कर दिया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुमोदन के बाद सभी पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। इस संबंध में सचिव शिक्षा ज्योति यादव की ओर से पदोन्नति एवं पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं।
शिक्षा विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया को गति देने के लिए विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत लगातार अधिकारियों को निर्देश देते रहे हैं। उन्होंने विभागीय समीक्षा बैठकों में स्पष्ट किया था कि किसी भी कार्मिक की पदोन्नति अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखी जानी चाहिए। उनका कहना है कि पदोन्नति कर्मचारियों का अधिकार है और उन्हें इससे वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।
इसी क्रम में संयुक्त शिक्षा निदेशक के रिक्त पदों के सापेक्ष डेढ़ दर्जन उप शिक्षा निदेशकों को पदोन्नति देकर विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती दी गई है।
इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
पदोन्नति के बाद विजयपाल सिंह को सीमैट में विभागाध्यक्ष बनाया गया है। चंदन सिंह बिष्ट को संयुक्त निदेशक, महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा तथा आकाश सारस्वत को प्राचार्य डायट, रुड़की की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गोविंद राम जायसवाल को संयुक्त निदेशक, महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा के साथ प्रभारी अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इसी प्रकार जगदीश प्रसाद काला को मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून, सुरेश चंद्र आर्य को नैनीताल, विनय आर्य को बागेश्वर, प्रेमलाल भारती को उत्तरकाशी, पुष्कर लाल टम्टा को ऊधमसिंह नगर, चंडी प्रसाद रतूड़ी को चंपावत, अमित कोटियाल को चमोली और संजीव जोशी को हरिद्वार का मुख्य शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा मंजू भारती को प्राचार्य डायट, देहरादून, श्रीकांत पुरोहित को संयुक्त निदेशक मध्याह्न भोजन, पंकज शर्मा को संयुक्त निदेशक निदेशालय माध्यमिक शिक्षा तथा शैलेंद्र अमोली को संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।
तरुण कुमार पंत को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड में अपर सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, रणजीत सिंह नेगी को बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है। वह पौड़ी के मुख्य शिक्षा अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद जनपद पौड़ी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी नई गति
शिक्षा विभाग में व्यापक स्तर पर हुई इस पदोन्नति और नई तैनाती से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। शासन का मानना है कि अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलने से विभागीय कामकाज अधिक प्रभावी होगा और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ प्रदेश के छात्र-छात्राओं को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
