
हल्द्वानी – दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), हल्द्वानी की कक्षा 10 की छात्रा *दिव्यांशी बिष्ट* ने विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्हें इंस्पायर मानक अवार्ड 2024-25 के लिए चयनित किया गया है, जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है।
वैज्ञानिक नवाचार से मिली राष्ट्रीय पहचान
दिव्यांशी बिष्ट को यह सम्मान उनके अनूठे शोध *”पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH) के माध्यम से कार्बन कैप्चर”* के लिए मिला है। इस परियोजना का उद्देश्य *वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को प्रभावी रूप से अवशोषित कर प्रदूषण को कम करना* है। उनके इस शोध को विशेषज्ञों द्वारा बेहद सराहा गया, क्योंकि यह पर्यावरणीय स्थिरता में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।
क्या है इंस्पायर मानक अवार्ड?
*इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च (INSPIRE)* कार्यक्रम के तहत संचालित *मानक (MANAK) अवार्ड* भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन (NIF) द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य देशभर के स्कूली छात्रों को वैज्ञानिक सोच और नवाचार के लिए प्रेरित करना है।
डीपीएस हल्द्वानी में हर्ष का माहौल
दिव्यांशी की इस उपलब्धि से डीपीएस हल्द्वानी के शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों में खुशी की लहर है। विद्यालय प्रबंधन ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि *”दिव्यांशी की कड़ी मेहनत और रचनात्मक सोच ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। यह उपलब्धि हमारे पूरे विद्यालय के लिए गर्व का विषय है।
परिवार और समाज की उम्मीदें बढ़ीं
दिव्यांशी के माता-पिता ने अपनी बेटी की सफलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि *”हमें उस पर गर्व है। उसने बचपन से ही विज्ञान में रुचि दिखाई और हम उसके हर सपने को पूरा करने में हमेशा उसका समर्थन करेंगे।
भविष्य में मिल सकते हैं और भी बड़े अवसर
अब दिव्यांशी को अपने नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा, जहाँ देशभर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ उनके विचारों को परखेंगे। यदि उनका प्रोजेक्ट और आगे बढ़ता है, तो इसे बड़े स्तर पर विकसित कर व्यावहारिक रूप दिया जा सकता है।
शुभकामनाएँ और बधाइयाँ!
दिव्यांशी की इस उपलब्धि पर पूरे हल्द्वानी और उत्तराखंड में गर्व का माहौल है। सभी लोग उन्हें शुभकामनाएँ दे रहे हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। उम्मीद है कि उनका यह नवाचार आने वाले समय में पर्यावरण सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण योगदान देगा।

