उत्तराखण्ड उधमसिंह नगर ज़रा हटके

जीएसटी विभाग पर गंभीर सवाल — 10 दिन से दी जा रही सूचनाओं पर नहीं हुई कोई कार्रवाई…

शिकायतकर्ता बोले — “पूरे जिले में डिप्टी कमिश्नर की मर्ज़ी के बिना परिंदा पर नहीं मार सकता, फिर खामोशी क्यों?”

उधम सिंह नगर। जनपद उधम सिंह नगर के जीएसटी विभाग पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। एक शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले 10 दिनों से लगातार प्रतिदिन विभाग को फर्जी बिलिंग, कर चोरी और संदिग्ध गाड़ियों से जुड़ी सूचनाएं भेजी गईं। इन सभी सूचनाओं के स्क्रीनशॉट अख़बार के पास सुरक्षित हैं, फिर भी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने हर दिन अलग-अलग गाड़ियों के नंबर भेजे, जो कथित तौर पर ट्रांजिट के दौरान टैक्स चोरी में संलिप्त थीं। इसके बावजूद, जीएसटी विभाग ने इनमें से एक भी गाड़ी को नहीं रोका।

आश्चर्य की बात यह है कि शिकायत में जिन गाड़ियों की सूचना दी गई थी, वही गाड़ियां बाद में उन्हीं गोदामों पर जाकर उतरीं, जिनका विवरण पहले से शिकायत में दर्ज था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इन गाड़ियों के गोदाम तक पहुँचने, माल उतारने और विभाग की निष्क्रियता का पूरा वीडियो और फोटो प्रमाण उनके पास सुरक्षित हैं, जिन्हें आवश्यक होने पर सार्वजनिक किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि मामले की जानकारी डिप्टी कमिश्नर (एसआईबी/प्रवर्तन) उधम सिंह नगर तक भी पहुंचाई गई, क्योंकि जिले में यह माना जाता है कि उनकी मर्ज़ी के बिना कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जा सकता। फिर भी, अब तक किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं होना विभागीय मिलीभगत के संदेह को और गहरा कर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, यह मामला सिर्फ एक या दो गाड़ियों का नहीं, बल्कि संगठित तरीके से की जा रही कर चोरी से जुड़ा है, जिसमें विभागीय अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने भी कहा कि अगर शिकायतकर्ता के पास सबूत मौजूद हैं, तो विभाग को तत्काल जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या उच्च अधिकारी इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेंगे, या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।