उत्तराखण्ड ज़रा हटके नैनीताल

उत्तराखंड सरकार को  प्राध्यापको की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए दिया ज्ञापन…

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नैनीताल-कुमाऊँ विश्वविद्यालय,शिक्षक संघ ,नैनीताल (कूटा) ने माननीय डॉ0धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री , उत्तराखंड सरकार से शिष्टाचार मुलाकात कर प्राध्यापको की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन दिया। कूटा ने कहा कि लगभग तीन दर्जन से अधिक प्राध्यापकों का लम्बे समय से प्रमोशन नही हुआ है जबकि राजकीय महाविद्यालय में प्राध्यापको के प्रमोशन हो चुकें है। कूटा ने निवेदन किया कि इसके प्रक्रियां प्रारम्भ करने की कृपा करें।

 

कुमाऊँ विश्वविद्यालय,नैनीताल में 10 वर्षों से अधिक से प्राध्यापक संविदा पर कार्यरत है तथा अपना महत्वपूर्ण समय विश्वविद्यालय की सेवा मेें व्यतीत किया है । महोदय से विनम्र निवेदन है कि ऐसे संविदा शिक्षकों को जिन्हें 10 वर्षों से अधिक हो गए है को विनियमित अथवा तदर्थ नियुक्ति प्रदान करने की कृपा करें। उत्तराखंड उच्च शिक्षा में कार्यरत संविदा/ अतिथि व्याख्याताओं को 35,000/25,000 रूपये प्रतिमाह वेतन के रूप में भुगतान किया जा रहा है

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महोदय वर्तमान परिस्थितियों के देखतें हुए यह वेतन बहुत कम है जबकि हरियाणा के कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा संविदा/अतिथि प्राध्यापकों का वेतन 57700/ प्रतिमाह किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इनका वेतन न्यूनतम 50,000/ प्रतिमाह नियत किया है। अतः आपसे प्रार्थना है कि इन संविदा/ अतिथि व्याख्याताओं का वेतन 57700/ प्रतिमाह करने सम्बन्धी आदेश निर्गत करने की कृपा करेगें।

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कुमाऊँ विश्वविद्यालय,नैनीताल के सर जे0सी0बोस परिसर ,भीमताल को पूर्ण परिसर का दर्जा तथा एक परिसर हल्द्वानी/खटीमा/रूद्रपुर में स्थापित करने सम्बन्धी आदेश निर्गत करने की कृपा करेगें। कुमाऊँ विश्वविद्यालय,नैनीताल में उच्च श्रेणी का शोध कार्य किया जाता है

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जिसमें प्राध्यापकों के साथ-साथ शोधार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण है । निवेदन है कि शोध कार्य को बढावा देने के लिए 20 शोधार्थियोें को कम से कम 10,000 रूपये प्रतिमाह की शोध छात्रवृत्ति लागू की जाए तथा इसके लिए अलग से अनुदान स्वीकृत करने की कृपा करें। कूटा की तरफ से प्रो.ललित तिवारी, डॉ.विजय कुमार , डॉ.रीतेश साह, डॉ.गगन होती इत्यादि रहें।

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